बोरीगारका में साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, OTP से लेकर UPI PIN तक गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की दी समझाइशदुर्ग। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को डिजिटल अपराधों से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान जारी है। इसी कड़ी में थाना उतई क्षेत्र के ग्राम बोरीगारका में आयोजित रामकथा के दौरान श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। धार्मिक आयोजन के मंच से राष्ट्रीय कथावाचक युवराज पांडे ने लोगों को डिजिटल दुनिया में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।
दुर्ग। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को डिजिटल अपराधों से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान जारी है। इसी कड़ी में थाना उतई क्षेत्र के ग्राम बोरीगारका में आयोजित रामकथा के दौरान श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। धार्मिक आयोजन के मंच से राष्ट्रीय कथावाचक युवराज पांडे ने लोगों को डिजिटल दुनिया में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।
रामकथा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद थे। इस दौरान युवराज पांडे ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को अलग-अलग तरह के झांसे देकर उनकी बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल करते हैं। फोन कॉल, मैसेज, संदिग्ध लिंक और दूसरे डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों को भ्रमित कर उनके खातों से रकम निकालने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने ग्रामीणों से साफ तौर पर कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN, UPI PIN, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल पर आए लिंक को खोलने या उसमें अपनी बैंकिंग जानकारी दर्ज करने से भी बचने की सलाह दी गई।
एक छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
कार्यक्रम में बताया गया कि साइबर ठगी करने वाले अपराधी अक्सर लोगों को डर, लालच या जल्दबाजी का माहौल बनाकर अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है। बैंक, यूपीआई या किसी अन्य डिजिटल सेवा से जुड़ी जानकारी मांगने वाले अनजान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की समझाइश दी गई।
ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। ठगी होने पर बिना देरी साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, ताकि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा अभियान
छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य आम लोगों को साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों से परिचित कराना और डिजिटल लेनदेन के दौरान जरूरी सावधानियों के प्रति जागरूक करना है।
बोरीगारका में आयोजित रामकथा के दौरान थाना उतई पुलिस ने भी जागरूकता कार्यक्रम में आवश्यक समन्वय और सहयोग प्रदान किया। धार्मिक आयोजन के माध्यम से ग्रामीणों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की यह पहल इस लिहाज से महत्वपूर्ण रही कि डिजिटल ठगी से बचाव के लिए जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
दुर्ग पुलिस ने भी आम नागरिकों से अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और अनजान व्यक्तियों से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल लेनदेन में थोड़ी सी सतर्कता कई बार बड़ी आर्थिक ठगी से बचा सकती है।