रायपुर। छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान कथित पेपर लीक मामले ने तूल पकड़ लिया है। राजधानी रायपुर में इस मुद्दे को लेकर छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
📄 क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 12वीं कक्षा के हिंदी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से एक दिन पहले सोशल मीडिया, खासकर WhatsApp पर वायरल हो गया। इससे छात्रों और अभिभावकों में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि वायरल प्रश्नपत्र को लेकर परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
👨🎓 छात्रों में नाराजगी, NSUI सड़कों पर
इस पूरे मामले को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं ने रायपुर में माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय का घेराव किया और जमकर प्रदर्शन किया।
छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि यह बड़ी लापरवाही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने SIT (विशेष जांच टीम) बनाकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
🏛️ सरकार का बयान
राज्य के शिक्षा मंत्री ने पेपर लीक की खबरों को अफवाह बताया है, लेकिन दूसरी ओर बोर्ड द्वारा FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इसी विरोधाभास को लेकर विपक्ष और छात्र संगठनों ने सरकार पर सवाल उठाए हैं।
🔍 जांच जारी, कई पहलुओं की पड़ताल
मामले में पुलिस और साइबर सेल जांच कर रही है कि वायरल हुआ पेपर असली था या फर्जी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
⚖️ आगे क्या?
SIT जांच की मांग तेज
छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता
जरूरत पड़ने पर परीक्षा दोबारा कराने पर भी विचार
✨ निष्कर्ष:
रायपुर का यह पेपर लीक विवाद शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह तय होगा कि छात्रों के साथ न्याय कैसे होगा।