जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी सुधारने 45 दिन का विशेष अभियान, अब नक्शे के साथ होगा दाखिल-खारिज…

खाता-खेसरा और रैयत के नाम की गलतियां होंगी दुरुस्त, जरूरत पड़ने पर मुफ्त में होगी जमीन की पैमाइश; नए सर्वे वाले इलाकों में शुरू होगी विशेष म्यूटेशन प्रक्रिया

पटना। बिहार में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग 45 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान के दौरान जमाबंदी में दर्ज खाता नंबर, खेसरा नंबर, प्लॉट की जानकारी और रैयत यानी जमीन मालिक के नाम में मौजूद गलतियों को सुधारा जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित जमीन की मुफ्त पैमाइश भी कराई जाएगी।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शुक्रवार को पटना स्थित राजस्व (सर्वेक्षण) प्रशिक्षण संस्थान में अतिरिक्त कलेक्टरों (राजस्व) के साथ समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मामलों पर निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई की जाए और केवल चुनिंदा मामलों को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति से बचा जाए।

जमीन के रिकॉर्ड के साथ अब नक्शा भी होगा शामिल

जिन जिलों में नया भूमि सर्वेक्षण चल रहा है, वहां विशेष म्यूटेशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें जमीन के रिकॉर्ड के साथ संबंधित भूखंड का नक्शा भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य जमीन की वास्तविक स्थिति और उसकी स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में जमीन को लेकर होने वाले विवादों की संभावना कम हो सके।

इस व्यवस्था में जमीन के किसी हिस्से के नामांतरण के साथ उसके नक्शे की जानकारी भी रिकॉर्ड का हिस्सा बनेगी। इससे कागजी रिकॉर्ड और जमीन की वास्तविक स्थिति के बीच अंतर को कम करने में मदद मिलेगी।

जरूरत पड़ने पर मुफ्त में होगी पैमाइश

विशेष अभियान के दौरान जिन मामलों में जमीन की स्थिति स्पष्ट करने के लिए माप की जरूरत होगी, वहां संबंधित जमीन की मुफ्त पैमाइश कराने की व्यवस्था की जाएगी। विभाग का फोकस जमाबंदी में मौजूद रिकॉर्ड की त्रुटियों को दूर करने के साथ जमीन की पहचान को अधिक स्पष्ट बनाने पर है।

पांच जिलों के एक हजार से ज्यादा गांवों में सर्वे की तैयारी

बैठक में बताया गया कि अरवल, जहानाबाद, शेखपुरा, शिवहर और लखीसराय जिलों के एक हजार से अधिक गांवों में सर्वेक्षण कार्य के लिए जल्द अधिसूचना जारी की जाएगी। अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित मामलों में अपील की प्रक्रिया के लिए भी प्रावधान किया जाएगा।

इसके लिए एक अलग सर्वेक्षण अपील सेल बनाए जाने की बात भी कही गई है, ताकि सर्वे से जुड़े मामलों की सुनवाई और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा सके।

रोजाना होगी काम की निगरानी

विभागीय स्तर पर अंचलों में होने वाले काम की गुणवत्ता की रोजाना निगरानी की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों की टीम बनाई जाएगी, जो संबंधित जिलों में काम की प्रगति और गुणवत्ता पर नजर रखेगी। इससे अधिकारियों को नियमित रूप से रिपोर्ट मिल सकेगी और लंबित मामलों की निगरानी भी आसान होगी।

मंत्री ने ऑफलाइन आवेदनों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने इसका एक प्रमुख कारण अधिकारियों और आम लोगों के बीच संवाद की कमी को बताया और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।

सरकारी जमीन का भी तैयार होगा लैंड बैंक

समीक्षा बैठक में सभी जिलों में सरकारी जमीन का लैंड बैंक तैयार करने पर भी जोर दिया गया। इसमें अलग-अलग श्रेणी की सरकारी जमीन का अद्यतन रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य भविष्य में उद्योगों और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए सरकारी जमीन की उपलब्धता और उसकी स्थिति की स्पष्ट जानकारी रखना है।

बैठक में सचिव जय सिंह, सीमा त्रिपाठी, सहायक निदेशक आजिव वत्सराज, उप निदेशक मोना झा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *