बालोद हत्याकांड: मां को खाना न परोसने पर पति धर्मेंद्र ने पत्नी सावित्री का नदी किनारे गला घोंटकर किया कत्ल, पुलिस ने 5 दिन में खोला राज
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के थाना बालोद क्षेत्र के ग्राम देवीनवागांव में तांदुला नदी किनारे 23 फरवरी 2026 को मिली महिला सावित्री निषाद (उम्र अज्ञात) की लाश के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है।
मृतका के पति धर्मेंद्र निषाद (41), पिता गंभीर राम निषाद ने ही गुस्से में पत्नी की हत्या की और शव को नदी किनारे लटकाकर दुर्घटना दिखाने की कोशिश की। घटना 23 फरवरी को हुई।
सावित्री मानसिक रूप से बीमार थी, घरेलू काम नहीं करती और अक्सर बिना बताए मायके चली जाती थी। उस दिन उसने खाना नहीं बनाया, जिससे बच्चे भूखे रहे। धर्मेंद्र छठी घाट से लौटा तो विवाद हुआ।
गुस्से में उसने पुरानी साड़ी से रस्सी बनाई, नदी किनारे ले जाकर सावित्री का गला घोंटा। पहचान छिपाने के लिए गले में स्कार्फ लपेट दिया और शव को नदी किनारे लटका दिया ताकि डूबने जैसा लगे। नदी किनारे शव मिलने पर कोटवार की सूचना पर थाना बालोद की टीम पहुंची।
पोस्टमार्टम में गला घोंटने के निशान मिले, धारा 103 बीएनएस के तहत केस दर्ज।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने विशेष टीम गठित की। अतिरिक्त एसपी मोनिका ठाकुर के मुताबिक, एसडीओपी बालोद बोनीफास एक्का के नेतृत्व में साइबर सेल और थाना बालोद की टीम ने 5 दिनों तक गांव में कैंप किया।
मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ से धर्मेंद्र ने जुर्म कबूल लिया। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
पूछताछ में धर्मेंद्र ने बताया कि पत्नी के व्यवहार से तंग आ चुका था। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर सभी पहलुओं का विश्लेषण किया गया। यह सोची-समझी हत्या थी, न कि दुर्घटना।