भिलाई । भिलाई की पावन धरती पर इस वर्ष एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। सेवा समर्पण समिति द्वारा आयोजित श्रीराम कथा एवं दिव्य दरबार के लिए शहर में उत्साह का माहौल है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है।
पहली बार भिलाई में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर का आगमन हो रहा है –
कार्यक्रम के अंतर्गत बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भिलाई पधारेंगे। उनके आगमन को लेकर समिति और शहरवासियों में खासा उत्साह है। कथा का शुभारंभ 25 दिसंबर से होगा और 27 दिसंबर को पंडित धीरेंद्र शास्त्री दिव्य दरबार लगाएंगे, जिसमें वे श्रद्धालुओं की समस्याओं का समाधान और मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष सतीश चंद्राकर ने बताया कि आयोजन स्थल पर बड़ा मंच, पंडाल, सुरक्षा व्यवस्थाएँ और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएँ लगभग तैयार हैं। हज़ारों लोगों की क्षमता वाले पंडाल में ध्वनि व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था और बैरिकेडिंग पूरी तरह सुदृढ़ की जा रही है। भारी भीड़ को देखते हुए अलग-अलग टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए समिति ने कई व्यवस्थाएँ की हैं जिनमें बुजुर्ग एवं दिव्यांग जनों के लिए निःशुल्क ई-रिक्शा सेवा, स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु मेडिकल कैंप एवं प्राथमिक उपचार केंद्र, प्रतिदिन हजारों लोगों के लिए निःशुल्क महाभंडारा,पेयजल, शौचालय और भीड़ नियंत्रण हेतु विशेष टीमें शामिल हैं।
इसके अलावा अन्य राज्यों से भी भक्तों के आने की संभावना को देखते हुए यातायात और सुरक्षा के लिए प्रशासन भी तैयारी कर रहा है। यह आयोजन भिलाई के कई सामाजिक व व्यापारीक संगठनों के सहयोग से और अधिक भव्य होता जा रहा है।इसमें साहू समाज, यादव समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, सिख समाज, ताम्रकार समाज, देवांगन समाज, चंद्राकर समाज, पूज्य सिंधी पंचायत, चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित अनेक संगठनों का सक्रिय समर्थन मिल रहा है।
पत्रकार वार्ता में सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला, पद्मश्री उषा बारले, सुरेंद्र कौशिक, पुरुषोत्तम देवांगन, चंद्रिका चंद्राकर, खिलावन साहू और सत्येंद्र सिंह सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। समिति ने बताया कि भिलाई पहली बार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य आगमन का साक्षी बनने जा रहा है, जो शहर के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक अविस्मरणीय क्षण होगा।समिति ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा व दिव्य दरबार का लाभ लेने की अपील की है।