सरगुजा। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की हालत अचानक बिगड़ने से मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की लापरवाही और समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण यह मौत हुई है। घटना के बाद परिजनों में गुस्सा है।
मृतका सुनीता सिंह पहले से तीन बच्चों की माँ थी। तीनों की डिलीवरी सामान्य थी। इस बार चौथी डिलीवरी के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव किया गया। गायनिक विभाग की HOD डॉ. अविनाशी कुजूर के अनुसार ऑपरेशन के बाद माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ थे। लेकिन टांकों से अत्यधिक ब्लीडिंग होने लगी। सोनोग्राफी में पता चला कि गर्भाशय ढीला हो गया है और पेट में खून जम गया है।
स्थिति गंभीर दिखी, इसलिए डॉक्टरों ने तुरंत दूसरा ऑपरेशन कर गर्भाशय (यूटरस) हटाया। ब्लड भी चढ़ाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि महिला की जान बचाने की पूरी कोशिश की गई।
हालत लगातार बिगड़ते देख महिला को 6 दिसंबर को रायपुर रेफर किया गया। परिजन और मितानिन उसे लेकर मेकाहारा हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन उन्हें बताया गया कि बेड खाली नहीं है, जिस अस्पताल से लाए हो, वहीं वापस ले जाओ। इसके बाद परिजन बिना इलाज कराए सुनीता सिंह को लेकर अंबिकापुर लौट रहे थे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में करवाया गया। परिजन अब ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं।