ईंधन बचत और सादगी का संदेश; पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने शुरू की नई पहल
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का बड़ा फैसला लिया है। खास बात यह है कि यह बदलाव SPG सुरक्षा प्रोटोकॉल से कोई समझौता किए बिना किया गया है। बताया जा रहा है कि अब प्रधानमंत्री के काफिले में पहले की तुलना में काफी कम वाहन नजर ।
सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला ईंधन संरक्षण और सरकारी खर्च में सादगी लाने के उद्देश्य से लिया गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से भी ईंधन की बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और गैर-जरूरी खर्च कम करने की अपील की थी। उसी दिशा में अब सरकार के शीर्ष स्तर पर भी कदम उठाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री के काफिले में पहले आमतौर पर 10 से 15 वाहन शामिल रहते थे, लेकिन अब इसे काफी घटा दिया गया है। कुछ मौकों पर केवल दो से चार वाहन ही दिखाई दिए। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि SPG की सभी जरूरी व्यवस्थाएं और सुरक्षा मानक पूरी तरह लागू रहेंगे।
प्रधानमंत्री के इस फैसले के बाद कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी अपने काफिलों का आकार कम कर रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या आधे से कम कर दी है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह केवल प्रतीकात्मक कदम नहीं, बल्कि ऊर्जा बचत और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग का संदेश है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक तेल कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार अब “कम खर्च, ज्यादा दक्षता” मॉडल पर जोर दे रही है।