रेणुका चौधरी और महिलाओं पर आपत्ति जनक बयान देकर बुरे फंसे भाजपा विधायक…

पटना। पटना में BJP विधायक का बयान वायरल, महिलाओं पर टिप्पणी को लेकर विवाद भड़का,बिहार के मोतिहारी से BJP विधायक प्रमोद कुमार का महिलाओं को लेकर दिया गया बयान बुधवार को भारी विवाद में बदल गया। दिल्ली में सांसद रेनुका चौधरी अपने पालतू कुत्ते के साथ संसद में पहुंचीं, जिसके बाद मीडिया ने इस पर विधायक से राय मांगी थी। जैसे ही उनसे विधान सभा परिसर के बाहर सवाल पूछा गया, उन्होंने एक ऐसा बयान दे दिया जिसे लोगों ने असंवेदनशील और अनुचित बताया।

विधायक ने कहा कि सोशल मीडिया पर कई ऐसे उदाहरण मिल जाते हैं, जिनकी वजह से लोगों की सोच प्रभावित होती है। विधायक के बयान के बाद विपक्ष खास तौर पर सक्रिय हो गया। RJD ने कहा कि जनता को मुद्दों से भटकाने के लिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी बयान को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है। RJD नेताओं ने कहा कि महिलाओं पर इस प्रकार की टिप्पणी अस्वीकार्य है और सरकार को इस पर स्पष्ट रुख रखना चाहिए।

गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन, यानी 1 दिसंबर को कांग्रेस सांसद रेनुका चौधरी अपने पालतू कुत्ते के साथ संसद परिसर पहुंचीं। इस कदम पर BJP सांसदों ने आपत्ति जताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया था। जब मीडिया ने रेनुका चौधरी से पूछा कि वे कुत्ते को संसद क्यों लाई हैं, तो उन्होंने पलटकर कहा कि सरकार को जानवर पसंद नहीं हैं, तो इसमें क्या हर्ज है? यह छोटा और बिल्कुल नुकसान न पहुंचाने वाला जानवर है। काटने वाले और डसने वाले संसद में हैं, कुत्ते नहीं। उनके इस बयान और कुत्ता लेकर संसद पहुंचने पर BJP सांसद जगदंबिका पाल ने नाराज़गी जताई और इसे नियमों के विरुद्ध बताया।

कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि बीजेपी विधायक का बयान बेहद शर्मनाक है और यह RSS-बीजेपी की मानसिकता को दिखाता है। महिलाओं को लेकर उनके मन की भावना ही ज़ुबान पर आ गई है, इसलिए उन्हें तत्काल माफी माँगनी चाहिए। राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने भी बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि बीजेपी विधायक ने महिलाओं का अपमान किया है, और पार्टी को बताना चाहिए कि उसकी महिला नेत्रियाँ चुप क्यों हैं। जब महिलाओं का अपमान हो रहा है, तो बीजेपी की महिला नेता सामने क्यों नहीं आ रही हैं?

कांग्रेस सांसद ने कहा कि संसद में कुत्ता लाने को लेकर सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला गलत है, ऐसा कोई कानून नहीं है। उन्होंने बताया कि रास्ते में स्कूटर और कार की टक्कर हुई और एक छोटा पिल्ला बीच सड़क पर भटक रहा था। उसके कुचले जाने की आशंका देखकर वे उसे गाड़ी में रखकर संसद ले आईं और बाद में वापस भेज दिया।

उन्होंने तंज करते हुए कहा कि जिस पर चर्चा हो रही है, वह तो सिर्फ पिल्ला था। असली डराने-काटने वाले तो संसद में बैठे हैं और सरकार चला रहे हैं।

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