बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की क्रूर हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। दुष्कर्म के आरोपी ने जमानत पर रिहा होने के बाद कार्यकर्ता को चाकू से गोदकर मार डाला और खुद फांसी लगा ली।
फरसादोड़ गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में 13 फरवरी 2026 को दोपहर 12-1 बजे के बीच यह सनसनीखेज वारदात हुई।
आरोपी लखन देवांगन (57) ने केंद्र में मौजूद 10-12 बच्चों और एक सहायिका को बाहर भेज दिया, फिर दरवाजा बंद कर लिया। उसके बाद उसने कार्यकर्ता युगेश्वरी देवांगन (54) पर चाकू से सिर, चेहरा, गला और सीने पर कई वार किए।
हत्या करने के बाद लखन ने उसी कमरे के पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। दोनों शव मौके पर ही लटके मिले।
आरोपी का आपराधिक इतिहासलखन देवांगन उसी गांव का निवासी था और पहले दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद था।
हाल ही में उसे जमानत मिली थी, जिसके बाद वह गांव लौटा। पुलिस को संदेह है कि पुरानी रंजिश या दुष्कर्म मामले से जुड़ी कोई बात इस वारदात का कारण बनी। दोनों के बीच सामुदायिक संबंध होने की भी जानकारी है।
देवरी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद किए, पंचनामा भरा और खून से सना चाकू जब्त किया।
फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। गांव में दहशत फैल गई है, महिलाएं और बच्चे भयभीत हैं। एसपी और कलेक्टर ने घटनास्थल का दौरा कर जांच तेज करने के निर्देश दिए।
यह घटना आंगनबाड़ी केंद्रों की सुरक्षा पर सवाल उठा रही है, खासकर ग्रामीण इलाकों में। स्थानीय लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषी को कड़ी सजा देने की बात कह रहे हैं।