खुर्जा/ बुलंदशहर। बुलंदशहर जिले के खुर्जा में एक मामूली केक विवाद ने ऐसा खौफनाक रूप लिया कि जन्मदिन की पार्टी देखते ही देखते ट्रिपल मर्डर में बदल गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य आरोपी जीतू सैनी का आखिरकार पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। पूरा मामला कई दिनों तक इलाके में दहशत और तनाव का कारण बना रहा।
25 अप्रैल की रात खुर्जा कोतवाली क्षेत्र के सुभाष रोड स्थित आरजेएस जिम में बसपा के पूर्व नगर अध्यक्ष जीतू सैनी अपना जन्मदिन मना रहा था। पार्टी में उसके करीबी और परिचित मौजूद थे।
इसी दौरान मनीष सैनी (BJP सभासद संजय सैनी के छोटे भाई) ने मजाक में जीतू के चेहरे पर केक लगा दिया। मामूली मजाक से शुरू हुआ विवाद अचानक बढ़ गया। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश भी थी, जिसने आग में घी का काम किया।
विवाद के बाद जीतू सैनी अपने साथियों मयंक, रिंकू और भारत के साथ जिम से बाहर निकला और कुछ देर बाद हथियारों के साथ वापस लौटा।
इसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी गई, करीब 12 से ज्यादा राउंड गोलियां चली मनीष सैनी, अमरदीप सैनी (32 वर्ष) और आकाश सैनी (19 वर्ष) को सिर में कई गोलियां मारी गईं, तीनों की मौके पर ही मौत हो गई जिम का पूरा फर्श खून से लाल हो गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए बड़ा ऑपरेशन शुरू किया:
SSP कलानिधि नैथानी और DIG के नेतृत्व में भारी फोर्स तैनात की गई, 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कई संदिग्धों से पूछताछ की गई।
26 अप्रैल को मुख्य सह-अभियुक्त मयंक सैनी SWAT टीम से मुठभेड़ में गिरफ्तार, रिंकू और भारत सैनी भी एनकाउंटर में घायल होकर पकड़े गए।
मुख्य आरोपी जीतू सैनी फरार था जिस पर पुलिस ने ₹50,000 का इनाम घोषित किया था, लगातार तलाश के बाद 30 अप्रैल की सुबह पुलिस को बड़ी सफलता मिली।
ढाकर रोड, सिकंदरपुर फ्लाईओवर के पास घेराबंदी में जीतू सैनी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे गोली मार दी, 3 गोलियां लगने के बाद वह ढेर हो गया पुलिस को मौके से 2 पिस्टल, 1 तमंचा, भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं।
मुठभेड़ में SWAT प्रभारी इंस्पेक्टर मोहम्मद असलम समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हुए, जीतू को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मृतक पक्ष BJP से जुड़ा होने के कारण मामला और संवेदनशील हो गया, परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला सोचने पर बाध्य करता है कि कैसे:
छोटी सी बात और पुरानी रंजिश मिलकर बड़ा अपराध बन सकती है,अवैध/हथियारों की आसान उपलब्धता कितना बड़ा खतरा है,
यूपी पुलिस की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत त्वरित कार्रवाई भी सामने आई।
कुल मिलाकर खुर्जा का यह ट्रिपल मर्डर केस सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा और व्यक्तिगत दुश्मनी के खतरनाक परिणाम का उदाहरण बन गया है।