मुरादाबाद में नाबालिग छात्रा से कथित धर्मांतरण दबाव का मामला, बुर्का पहनाने का वीडियो वायरल
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। बिलारी तहसील क्षेत्र में एक नाबालिग हिंदू छात्रा को कथित तौर पर जबरन बुर्का पहनाने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगा है। छात्रा के भाई की शिकायत पर पुलिस ने पांच नाबालिग मुस्लिम लड़कियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामला बिलारी तहसील की साहू कुंज कॉलोनी का बताया जा रहा है। पीड़िता 12वीं कक्षा की छात्रा है, जो रोज़ की तरह ट्यूशन पढ़ने जा रही थी। आरोप है कि रास्ते में उसकी पांच मुस्लिम सहेलियों ने उसे रोक लिया और अपने साथ लाया गया बुर्का उसे पहनाया।
परिवार का आरोप है कि लड़कियों ने छात्रा से कहा कि “बुर्का पहनने से तुम अच्छी लगोगी और अगर इस्लाम कबूल कर लो तो तुम्हारी किस्मत बदल जाएगी।” छात्रा के भाई का दावा है कि यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि पिछले करीब दो महीनों से उसे मानसिक रूप से प्रभावित करने और हिंदू धर्म के प्रति नकारात्मक सोच पैदा करने की कोशिश की जा रही थी।
घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें गली में कुछ लड़कियां इधर-उधर निगरानी रखते हुए छात्रा को बुर्का पहनाती नजर आ रही हैं। फुटेज में यह भी दिखता है कि किसी की आहट मिलते ही वे मौके से भाग जाती हैं। यही वीडियो 22-23 जनवरी को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
पीड़िता के भाई दक्ष चौधरी की तहरीर पर थाना बिलारी में पांच नाबालिग लड़कियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं।
एसपी ग्रामीण कुंवर आकाश सिंह ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि: सभी आरोपी नाबालिग हैं। मामले की जांच बाल न्याय अधिनियम के तहत की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM बिलारी ने भी संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। वहीं, कुछ हिंदू संगठनों ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
घटना के बाद यह मामला यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है। पुलिस सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट्स पर भी नजर रखे हुए है।
पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों, साक्ष्यों और बयानों का गहन परीक्षण किया जाएगा। चूंकि मामला नाबालिगों से जुड़ा है, इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।