ज़रूरत की खबर: धड़ल्ले से बिक रहा मिलावटी सॉस – यूपी से हरियाणा तक फैला नेटवर्क, स्ट्रीट फूड पर बढ़ा खतरा
स्वास्थ्य। देश में मिलावटी सॉस का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। बीते एक महीने में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के तीन जिलों से मिलावटी सॉस पकड़े जाने के मामले सामने आए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन की छापेमारी में यह साफ हो गया है कि नकली सॉस का नेटवर्क सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि संगठित स्तर पर काम कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली मेयोनीज और सॉस की सप्लाई करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया।
जांच के दौरान एक गोदाम से मिलावटी सॉस से भरे कई ड्रम बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, इन सॉस में टमाटर की जगह सिंथेटिक रंग, स्टार्च और रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इसके अलावा रामपुर जिले में फूड सेफ्टी टीम ने जांच के दौरान स्ट्रीट वेंडर्स से खराब और मिलावटी सॉस जब्त की।
अधिकारियों का कहना है कि यही सॉस चाट, बर्गर, मोमोज़ और अन्य स्ट्रीट फूड में इस्तेमाल हो रही थी, जिससे आम लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा था।
वहीं हरियाणा के सोनीपत में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (CM फ्लाइंग टीम) ने सॉस बनाने वाली एक फैक्ट्री पर छापा मारा।
यहां से करीब 600 किलो मिलावटी सॉस जब्त कर नष्ट कर दी गई। जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में बिना मानकों के सॉस तैयार की जा रही थी, जिसे आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था।
डॉक्टरों और फूड एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मिलावटी सॉस में मौजूद केमिकल और आर्टिफिशियल कलर:
पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं,
पेट दर्द, उल्टी और फूड प्वाइजनिंग का कारण बन सकते हैं।
लंबे समय में लीवर और किडनी पर बुरा असर डाल सकते हैं, इसी वजह से विशेषज्ञों ने स्ट्रीट फूड में इस्तेमाल होने वाले सॉस से बचने की सलाह दी है।
घर पर मिलावटी सॉस पहचानने के आसान तरीके;
पानी टेस्ट: सॉस पानी में डालते ही रंग छोड़ दे तो सावधान।
आयोडीन टेस्ट: नीला रंग बने तो स्टार्च की मिलावट।
रंग और स्वाद: जरूरत से ज्यादा चमकदार लाल रंग और कृत्रिम स्वाद।
लेबल जांचें: लाइसेंस, एक्सपायरी डेट और ब्रांड जरूर देखें।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि सस्ती और खुले में बिकने वाली सॉस से बचें। संदिग्ध सॉस की शिकायत करें और
बच्चों को स्ट्रीट फूड कम खिलाएं।