एक ही पते पर कई फैक्ट्रियों का मामला गरमाया, सरकारी जवाब में विरोधाभास; कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट मांगी
भिलाई। दुर्ग जिले में एक ही पते पर अलग-अलग केमिकल फैक्ट्रियों के संचालन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने विधानसभा में उठाया था, लेकिन विभागीय जवाब से संतुष्ट न होकर अब उन्होंने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा मांगा है।
विधानसभा में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने अपने जवाब में कहा कि इस तरह की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, इसी जवाब में यह भी बताया गया कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने 24 फरवरी 2025 को चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर जिले के 16 कोलतार प्रोसेसिंग आधारित उद्योगों की जांच कराई थी। इस जांच में 8 उद्योग पर्यावरणीय शर्तों के उल्लंघन के दोषी पाए गए, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
इसके अलावा 24 जून 2025 को प्राप्त एक शिकायत में उद्योगों पर तथ्यों को छिपाकर केंद्रीय पर्यावरण स्वीकृति लेने का आरोप लगाया गया था, लेकिन इस मामले में जांच समिति का गठन नहीं किया गया। वहीं एक अन्य शिकायत पर पर्यावरण मंडल ने 7 जुलाई 2025 को उद्योग संचालनालय सहित संबंधित विभागों को पत्र भेजा था।
मामला आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो तक भी पहुंच चुका है, जहां शिकायत क्रमांक 02/2025 पंजीबद्ध है, लेकिन अब तक उसका प्रतिवेदन लंबित है।
विधायक देवेंद्र यादव ने 20 अप्रैल 2026 को EOW को लिखे पत्र में विधानसभा में दिए गए जवाब को विरोधाभासी बताया है। उनका कहना है कि एक ओर शिकायत नहीं मिलने की बात कही गई, वहीं दूसरी ओर जांच समिति बनाकर उल्लंघन की पुष्टि भी की गई, जो कई सवाल खड़े करता है।
पूरे मामले में शिकायत न होने के दावे, जांच गठन, उल्लंघन की पुष्टि और कार्रवाई की अस्पष्ट स्थिति से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विधायक ने अब इस पूरे प्रकरण में पारदर्शिता लाने और जिम्मेदारों पर स्पष्ट कार्रवाई की मांग की है।