बस्तर। देश में नक्सलवाद के खात्मे की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। सुरक्षा एजेंसियों ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। इसी क्रम में हिड़मा और बसवा राजू जैसे कुख्यात नक्सलियों के एनकाउंटर, भूपति के सरेंडर और लगातार कमजोर होते संगठनात्मक ढांचे ने नक्सल नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।
खुफिया जानकारी के अनुसार बस्तर के अलग-अलग इलाकों में अब करीब 200 से 300 आर्म्ड कैडर ही बचे हैं। ये सभी छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखरकर जंगलों में छिपे हुए हैं। नक्सलियों का महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ (MMC) ज़ोन पूरी तरह खत्म हो चुका है। उत्तर बस्तर और माड़ डिवीजन भी लगभग साफ कर दिए गए हैं। अब सुरक्षा बलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती दक्षिण बस्तर डिवीजन को नक्सल-मुक्त करना है।
जानकारी के मुताबिक दक्षिण बस्तर के घने जंगलों में देवा और पापाराव अपने साथियों के साथ अलग-अलग टुकड़ियों में छिपे हुए हैं। वहीं मिशिर बेसरा झारखंड में सक्रिय है, जबकि देवजी लगातार ठिकाने बदल रहा है। कुछ समय पहले उसकी लोकेशन तेलंगाना-आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़ के ट्राई-जंक्शन क्षेत्र में मिली थी।
सुरक्षा एजेंसियों का आकलन है कि इन 90 दिनों में अगर 5-6 बड़े नक्सली मारे जाते हैं या सरेंडर करते हैं, तो बस्तर फ्रंट लाइन के सभी टॉप लीडर खत्म माने जाएंगे।
बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने थिप्परी तिरुपति (देवजी) को नक्सल संगठन का महासचिव नियुक्त किया है। बता दें कि देवजी पोलित ब्यूरो का मेंबर भी है और वर्तमान में नक्सल संगठन का सबसे बड़ा टॉप लीडर माना जा रहा है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित है।
उन टॉप नक्सलियों के बारे में बताती चलूं जिनकी तलाश बीएसएफ की टीम लगातार सर्च रही है। जिसमें पहला नाम छत्तीसगढ़ में एक करोड़ का इनामी नक्सली थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी है जो तेलंगाना का रहने वाला है वर्तमान महासचिव और पोलित ब्यूरो मेंबर कई राज्यों में सक्रिय है।
मुप्पल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति तेलंगाना का निवासी जो बसवाराजू से पहले नक्सल संगठन का महासचिव रहा है, बीमारी और उम्र के कारण 4-5 साल पहले पद छोड़ा ,लेकिन अब भी मोस्ट वॉन्टेड 1 करोड़ से अधिक का इनाम घोषित है।
मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर यह झारखंड का रहने वाला है पोलित ब्यूरो मेंबर, ERB (ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो) का इंचार्ज है जिस पर 1 करोड़ से ज्यादा का इनाम घोषित है।
पापाराव उर्फ मंगू छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है दंडकारण्य स्पेशल ज़ोनल कमेटी (DKSZCM) का मेंबर, पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य, AK-47 से लैस, बस्तर के जंगलों का माहिर कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर निकला, इसके मारे जाने या सरेंडर करने पर पश्चिम बस्तर डिवीजन खत्म माना जाएगा।
देवा बारसे उर्फ सुक्का दक्षिण बस्तर में सक्रिय, हार्डकोर कैडर सुरक्षा बलों की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल है।
कहां जा सकता है कि लगातार एनकाउंटर, सरेंडर, कमजोर होता नेतृत्व और सीमित बचे कैडर यह संकेत दे रहे हैं कि नक्सल संगठन अब अपने अंतिम चरण में है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार आने वाले 90 दिन नक्सलवाद के खात्मे के लिए निर्णायक होंगे, और मार्च 2026 तक बस्तर समेत देश को नक्सल-मुक्त करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।