22 जवानों की शहादत में शामिल नक्सली कमांडर उधम सिंह ढेर
छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर बड़ा एनकाउंटर, DVCM उधम सिंह मारा गया; AK-47, SLR समेत हथियार बरामद
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा क्षेत्र के गुंडावर जंगल में हुए एनकाउंटर में कुख्यात नक्सली कमांडर उधम सिंह को मार गिराया गया है। उधम सिंह वर्ष 2021 में हुए टेकलगुड़ा हमले में शामिल था, जिसमें 22 जवान शहीद हुए थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 5 फरवरी की सुबह करीब साढ़े 7 बजे DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और CRPF की कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से जवाबी फायरिंग हुई।
करीब कई घंटे चली इस मुठभेड़ में DVCM उधम सिंह मारा गया, जबकि इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
उधम सिंह 3 अप्रैल 2021 को बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर स्थित टेकलगुड़ा गांव में हुए नक्सली हमले में शामिल था।
NIA की जांच में सामने आया था कि इस हमले में करीब 350 से 400 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया था।
हमले में बैरेल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) और स्वचालित हथियारों का इस्तेमाल किया गया था तथा शहीद जवानों के हथियार भी लूट लिए गए थे। यह हमला नक्सलियों की TCOC (टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन) रणनीति के तहत किया गया था।
पुलिस के मुताबिक,
उधम सिंह DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर) था
प्लाटून नंबर 30 का कमांडर
जगरगुंडा एरिया कमेटी का प्रमुख
उस पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था
कई बड़ी नक्सली वारदातों में उसकी सक्रिय भूमिका रही
एनकाउंटर स्थल से AK-47, SLR राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।
इसी बीच जिले में 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है। इनमें नार्थ और साउथ बस्तर में सक्रिय बड़े नक्सली शामिल हैं। इन सभी ने बस्तर IG सुंदरराज पी. और बीजापुर SP जितेंद्र यादव के सामने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई।
इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर 54 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान नक्सली AK-47, SLR और कारतूस छोड़कर, संविधान की प्रति हाथ में लेकर सामने आए।
पुलिस के अनुसार,
1 जनवरी 2024 से अब तक
888 माओवादी मुख्यधारा में लौटे
1163 माओवादी गिरफ्तार
231 माओवादी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए
कुल मिलाकर बीजापुर, सुकमा और बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई से नक्सल संगठन कमजोर पड़ रहा है। बड़े कैडर के मारे जाने और आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या से साफ है कि नक्सल नेटवर्क पर निर्णायक चोट की जा रही है।