छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 को आत्मनिर्भर भारत का मजबूत रोडमैप करार दिया है। उन्होंने इसे गरीब, किसान, महिला और युवाओं के हित में नई योजनाओं से भरपूर बताया। यह बयान हाल ही में पेश हुए बजट पर उनकी प्रतिक्रिया है, जो छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़ा है।
मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा, यह बजट आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि बजट में शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
गरीबों के लिए नई कल्याण योजनाएं, किसानों को सिंचाई व कृषि सुधार, महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं के लिए नौकरी के अवसर प्रमुख हैं। उन्होंने इसे सर्वसमावेशी बजट बताते हुए छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को अप्रत्यक्ष लाभ का उल्लेख किया।
गरीब वर्ग के लिए:
स्वास्थ्य बीमा व आवास योजनाओं में वृद्धि, जिससे करोड़ों लोगों को राहत मिलेगी।
किसानों हेतु:
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी, जैविक खेती और सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार।
महिलाओं के लिए:
स्वरोजगार योजनाएं, मातृत्व लाभ और सुरक्षा निधि में इजाफा।
युवाओं पर फोकस:
स्किल इंडिया के तहत प्रशिक्षण केंद्र, स्टार्टअप फंडिंग और नौकरियों का लक्ष्य 10 करोड़।
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 20% अधिक आवंटन से छत्तीसगढ़ के रोड, रेल व एयर कनेक्टिविटी को बल मिलेगा।
रायपुर व दुर्ग में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बजट की योजनाओं को जल्द लागू करेगी।
शिक्षा मंत्री के नाते उन्होंने स्कूलों में डिजिटल शिक्षा व शिक्षक भर्ती पर जोर दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इसे ऐतिहासिक बताया।
यह बजट पिछले बजटों से अलग है क्योंकि इसमें AI, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इंडिया पर प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विशेष पैकेज से लाभ।
विपक्ष की आलोचना के बावजूद मंत्री ने इसे जन-केंद्रित ठहराया। कुल मिलाकर, यह मध्यम वर्ग को भी राहत देगा।