वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी की ऐतिहासिक शिव बारात इस बार भी अद्भुत और रोमांचक नज़ारों के साथ निकली। भगवान शिव की इस बारात में जहाँ एक ओर पारंपरिक झांकियाँ थीं, वहीं दूसरी ओर ‘भूत-पिशाच’ बने कलाकारों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि लोग देखते रह गए।
बारात में शामिल कलाकारों ने डरावने लेकिन आकर्षक रूप धारण किए।
किसी के गले में नर-मुंड की माला,
किसी के चेहरे पर भस्म और भूतिया श्रृंगार,
तो कोई आग के गोले उगलता नजर आया।
इन कलाकारों की हैरतअंगेज प्रस्तुतियों ने माहौल को रोमांचक बना दिया। सड़कों पर हजारों श्रद्धालु इस अद्भुत दृश्य को देखने उमड़ पड़े।
क्यों खास होती है काशी की शिव बारात?
मान्यता है कि भगवान शिव की बारात में देवताओं के साथ-साथ गण, भूत-प्रेत और अघोरी भी शामिल होते हैं। इसी परंपरा को जीवंत रखने के लिए कलाकार इन रूपों में सजकर निकलते हैं।
काशी की शिव बारात अपनी भव्यता, नाटकीयता और सांस्कृतिक रंगों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।
इस बार कलाकारों के आग वाले स्टंट और भूतिया वेशभूषा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे ‘सबसे अनोखी शिव बारात’ बता रहे हैं।
महाशिवरात्रि पर निकली यह बारात सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि लोककला और पारंपरिक प्रदर्शन का भी अद्भुत उदाहरण है।