बिलासपुर। बिलासपुर में देर रात तेज रफ्तार ने छह दोस्तों की ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल दी। कार में सवार युवक कोनी थाना क्षेत्र पार कर आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान कार तेज रफ्तार में थी। थोड़ी दूरी आगे जाकर सेंदरी से पहले वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। देखते ही देखते कार सड़क से नीचे उतरकर तीन बार पलटी और झाड़ियों में जा घुसी।
हादसा इतना भयंकर था कि कार चला रहे ईशु रत्नाकर और साथ वाली सीट पर बैठे भास्कर राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार में सवार अन्य चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने तुरंत इसकी सूचना कोनी पुलिस को दी। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल भेजा।
मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को सूचना दी गई। रविवार देर रात हादसे की खबर मिलते ही परिजन सोमवार सुबह अस्पताल पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके गृहग्राम रवाना किया गया। बताया गया कि सभी छह दोस्त रात में खाना खाने निकले थे। तेज रफ्तार के कारण कार अनियंत्रित होकर पलट गई। कार की रफ्तार इतनी थी कि वह तीन बार पलटते हुए सड़क किनारे गहरी झाड़ियों में जा घुसी।
सक्ती जिले के डभरा क्षेत्र के ग्राम खरकेना निवासी आर्यन रत्नाकर ने बताया कि वह एलएलबी का छात्र है और उसका बड़ा भाई ईशु रत्नाकर (26) पीएससी की तैयारी कर रहा था। दोनों बिलासपुर में साथ रहते थे। 7 दिसंबर की देर रात ईशु अपने दोस्त भास्कर राजपूत (22), अभिषेक वर्मा, शेखर चंद्रवंशी, श्याम सिंह राजपूत और एक अन्य साथी के साथ रतनपुर रोड की ओर खाना खाने जा रहा था। कार ईशु चला रहा था और भास्कर बाजू की सीट पर बैठा था, जबकि बाकी दोस्त पीछे बैठे थे।तेज रफ्तार के कारण हुआ यह हादसा पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छोड़ गया है।