भिलाई। रूआबांधा क्षेत्र के खुले मैदान पर आवास निर्माण को लेकर भिलाई में विवाद गहराता जा रहा है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (CGHB) द्वारा प्रस्तावित आवासीय परियोजना के विरोध में स्थानीय बस्तीवासी पिछले पांच दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं। लोगों का आरोप है कि जिस जमीन पर निर्माण की तैयारी की जा रही है, वह वर्षों से खेल मैदान और सामुदायिक उपयोग में है।
धरने का नेतृत्व कर रहे बस्ती प्रतिनिधि रामकुमार साहू, श्यामलाल निषाद और महिला समिति की संयोजक श्रीमती सरस्वती बाई का कहना है कि यह मैदान बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए एकमात्र खुला स्थान है, यहां क्रिकेट, कबड्डी और स्थानीय आयोजन होते रहे हैं, बिना सहमति और सूचना के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करना गलत है।
धरनास्थल पर मौजूद लोगों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य नहीं रोका गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। गृह निर्माण मंडल का पक्ष: जमीन हमारी, रिकॉर्ड में दर्ज।
वहीं छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों का कहना है कि:-
संबंधित भूमि मंडल के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है।
यहां आवासीय योजना के तहत मकान बनाए जाने हैं।
यह क्षेत्र कभी आधिकारिक तौर पर खेल मैदान घोषित नहीं रहा।
मंडल के एक अधिकारी के मुताबिक, यह परियोजना शहर की आवासीय जरूरतों को देखते हुए प्रस्तावित है, किसी भी तरह का अवैध कब्जा नहीं है।
लगातार धरने और बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों से बातचीत कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
अब सवाल यही है:-
क्या रूआबांधा का यह मैदान मकानों में तब्दील होगा?
या बस्तीवासियों की आवाज़ पर प्रशासन पीछे हटेगा?
फिलहाल, धरना जारी है और विवाद थमने के आसार नहीं दिख रहे।