दुर्ग-भिलाई कोर्ट में जज की टिप्पणी: “योग्य आरोपियों की मदद करें वकील”, न्याय व्यवस्था में संतुलन पर जोर…

दुर्ग/भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं को अहम संदेश देते हुए कहा कि वकीलों को योग्य और जरूरतमंद आरोपियों की मदद करनी चाहिए, ताकि न्याय सभी तक समान रूप से पहुंच सके।

🟡 न्याय तक सभी की पहुंच जरूरी

कार्यक्रम में जज ने कहा कि कई बार ऐसे आरोपी होते हैं जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से अपना पक्ष ठीक से नहीं रख पाते। ऐसे में अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे न्याय के हित में आगे आकर उनकी सहायता करें।

🟡 वकालत सिर्फ पेशा नहीं, जिम्मेदारी

जज ने यह भी स्पष्ट किया कि वकालत केवल एक पेशा नहीं बल्कि न्याय प्रणाली का महत्वपूर्ण स्तंभ है। अधिवक्ताओं की भूमिका सिर्फ केस लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज के कमजोर वर्गों को भी न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

🟡 निष्पक्ष न्याय पर जोर

उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था तभी मजबूत होगी जब हर व्यक्ति—चाहे वह किसी भी स्थिति में हो—को समान अवसर और निष्पक्ष सुनवाई मिले।

🟡 अधिवक्ताओं से अपील

कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं से अपील की गई कि वे ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ काम करें, ताकि न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास बना रहे।

🟢 निष्कर्ष

दुर्ग-भिलाई में जज का यह संदेश साफ करता है कि न्याय सिर्फ सक्षम लोगों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर जरूरतमंद तक पहुंचना चाहिए—और इसमें वकीलों की भूमिका बेहद अहम है।

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