कराची। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर हिंदू महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बढ़ते अपहरण और जबरन धर्मांतरण के आरोपों के बीच एक बार फिर एक हिंदू मां-बेटी को घर के सामने से अगवा कर लिया गया। इस घटना ने पूरे समुदाय में चिंता और गुस्सा बढ़ा दिया है।
5 दिसंबर 2025 को पाकिस्तान के कराची शहर के शेर शाह इलाके में रहने वाली हिंदू महिला रानी और उसकी डेढ़ वर्ष की नाबालिग बेटी को तीन हथियारबंद लोगों ने अचानक घर के सामने से जबर्दस्ती एक कार में बैठाकर अगवा कर लिया। परिवार का आरोप है कि यह अपहरण धर्मांतरण और जबरन विवाह कराने के उद्देश्य से किया गया है।
पीड़ित रानी के पति प्रेम कुमार और परिवार ने तुरंत एफ़आईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराई, लेकिन अब तक मां-बेटी का कोई पता नहीं चल पाया है।
स्थानीय हिंदू समुदाय कार्यकर्ता शिवा काची ने बताया कि इस तरह के मामलों में पुलिस को अक्सर दबाव का सामना करना पड़ता है और आरोपी पकड़ने में देरी होती है।
सिंध प्रांत में पिछले 11 महीनों में कुल 611 गंभीर अपराध दर्ज किए गए, जिनमें से 73 मामले जबरन धर्मांतरण/अपराध से जुड़े बताए गए हैं।
अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर हिंदू लड़कियों और महिलाओं, पर अपराध, अपहरण और जबरन धर्मांतरण जैसे मामलों की रिपोर्टों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। आलोचकों और मानवाधिकार समूहों का कहना है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ जबर्दस्त अपहरण, जबरन धर्मांतरण और विवाह जैसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन होते हैं और इन पर प्रभावी जवाबदेही की कमी है। इसलिए परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं और अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपील कर रहे हैं।