साणंद से वैश्विक बाजार तक भारतीय चिप्स की उड़ान
भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात के साणंद स्थित CG Semi के अत्याधुनिक OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) प्लांट का उद्घाटन करते हुए घोषणा की कि यहां निर्मित ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्यात जापान, अमेरिका और यूरोप सहित वैश्विक बाजारों में किया जाएगा।
ऑटो और औद्योगिक क्षेत्र में होगा इस्तेमाल
मंत्री ने बताया कि साणंद में तैयार होने वाली चिप्स का उपयोग मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल, औद्योगिक उपकरणों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में किया जाएगा। इन चिप्स की अंतरराष्ट्रीय मांग को देखते हुए भारत अब केवल घरेलू जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन का भी अहम हिस्सा बनेगा।
2026 के अंत तक पांच सेमीकंडक्टर प्लांट होंगे चालू
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2026 के अंत तक भारत में पांच सेमीकंडक्टर प्लांट संचालन में होंगे। उन्होंने बताया कि साणंद का यह प्लांट केवल 27 महीनों में शिलान्यास से व्यावसायिक उत्पादन तक पहुंच गया, जो भारत की तेज औद्योगिक प्रगति का उदाहरण है।
भारत को मिलेगा वैश्विक पहचान का अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत से जापान, अमेरिका और यूरोप को चिप्स का निर्यात शुरू होना देश के लिए बड़ी रणनीतिक उपलब्धि है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को नई गति मिलेगी, विदेशी निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेगा।