दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बिरेझर गांव में शाकम्भरी जयंती के अवसर पर हुए विवाद ने स्थानीय स्तर पर तनाव पैदा कर दिया है। शाकम्भरी जयंती, जो देवी शाकम्भरी की पूजा से जुड़ा प्रमुख हिंदू पर्व है, बिरेझर में धूमधाम से मनाया जा रहा था। उत्सव के दौरान कुछ लोगों के बीच बहस हो गई, जो हिंसक रूप ले ली। मरार (पटेल) समाज के सदस्यों के अनुसार, हमलावरों ने उनके घरों पर पथराव किया और तोड़फोड़ की।
घटना की तारीख लगभग 5 जनवरी 2026 मानी जा रही है, क्योंकि 20 दिन बाद 25 जनवरी को खबरें उभरीं। कोई मौत नहीं हुई, लेकिन कई लोग घायल बताए गये।
मरार समाज ने हमले को सुनियोजित बताया है। समाज के नेताओं ने कहा कि उत्सव में भाग लेने वालों को निशाना बनाया गया। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई का आरोप लगाया। 20 दिनों से आरोपी फरार हैं, जिससे समाज में आक्रोश बढ़ा।
समाज ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
दुर्ग पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। स्थानीय थाने ने शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया।
बिरेझर दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में है, जहां मरार समाज सक्रिय है। शाकम्भरी जयंती पर पटेल समाज के कार्यक्रम आम हैं। यह विवाद स्थानीय जातीय तनाव को दर्शाता है। इलाके में शांति भंग होने का खतरा है, खासकर चुनावी माहौल में।