रायपुर। देश के प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक और पद्मश्री सम्मानित कलाकार Ustad Ahmed Hussain और Ustad Mohammed Hussain हाल ही में Raipur पहुंचे। इस दौरान उन्होंने संगीत प्रेमियों और विद्यार्थियों से संवाद करते हुए संगीत साधना, रियाज़ और नई तकनीकों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में उस्तादों ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत में रियाज़ (नियमित अभ्यास) सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि आज के समय में तकनीक तेजी से बदल रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी संगीत सीखने और अभ्यास करने में मददगार बन सकता है, लेकिन गुरु-शिष्य परंपरा और व्यक्तिगत रियाज़ की जगह कोई तकनीक नहीं ले सकती।
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि संगीत को केवल पेशा नहीं बल्कि साधना के रूप में अपनाएं। नियमित अभ्यास, धैर्य और समर्पण से ही कलाकार अपने हुनर को निखार सकता है।
उस्तादों ने यह भी कहा कि तकनीक का उपयोग सीखने के लिए किया जा सकता है, जैसे कि रियाज़ के लिए डिजिटल टूल्स या AI आधारित एप्लिकेशन, लेकिन असली कला दिल और आत्मा से निकलती है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी संगीत यात्रा और अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि संगीत ने उन्हें दुनिया भर में पहचान दिलाई और आज भी वे नए कलाकारों को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।
गौरतलब है कि जयपुर घराने से जुड़े उस्ताद अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन देश-विदेश में ग़ज़ल और शास्त्रीय संगीत के लिए प्रसिद्ध हैं और उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।