परीक्षा पे चर्चा में PM का मंत्र: डर नहीं, विश्वास रखो;
दिल्ली-गुजरात समेत 5 राज्यों के बच्चों से सीधा संवाद, 6.76 करोड़ से ज्यादा स्टूडेंट्स जुड़े
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें एडिशन में देशभर के छात्रों से सीधा संवाद कर परीक्षा के तनाव, आत्मविश्वास, टाइम मैनेजमेंट और जीवन मूल्यों पर खुलकर बात की। इस कार्यक्रम में दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और असम समेत 5 राज्यों के छात्रों ने सवाल पूछे, जिनका पीएम मोदी ने सरल और प्रेरक अंदाज में जवाब दिया।
इस बार ‘परीक्षा पे चर्चा’ ने नया रिकॉर्ड बनाया। 6.76 करोड़ से ज्यादा छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने रजिस्ट्रेशन कर भागीदारी की, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
PM मोदी बोले- परीक्षा जिंदगी नहीं, जिंदगी का एक हिस्सा:
प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि-
परीक्षा को बोझ नहीं, एक अवसर समझो। नंबर आपके जीवन का फैसला नहीं करते, आपकी सोच और मेहनत असली पहचान बनाती है।
उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें और डर को दोस्त बनाएं, दुश्मन नहीं।
छात्रों के सवालों के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि पढ़ाई को छोटे-छोटे लक्ष्य में बांटें।
सोशल मीडिया और मोबाइल का सीमित उपयोग करें।
नींद, खेल और परिवार के साथ समय भी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि संतुलन ही सफलता की कुंजी है।
प्रधानमंत्री ने माता-पिता से अपील की कि
बच्चों पर अपने अधूरे सपनों का बोझ न डालें। उनकी रुचि को पहचानें और उन्हें खुलकर आगे बढ़ने दें।
उन्होंने शिक्षकों को भी प्रेरक बनने और छात्रों को डराने के बजाय मार्गदर्शक की भूमिका निभाने की बात कही।
‘परीक्षा पे चर्चा’ अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के मन की बात सुनने और उन्हें दिशा देने का राष्ट्रीय मंच बन चुका है। हर साल की तरह इस बार भी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किया गया।