कांग्रेस ने केंद्र पर खान-पान की पसंद थोपने का आरोप लगाया, BJP ने पलटवार कर कहा- अंतरराष्ट्रीय मंच के भोजन को भी राजनीति का मुद्दा बनाया जा रहा है
नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित रात्रिभोज का मेन्यू अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में BRICS देशों से आए नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए डिनर का आयोजन किया था। इस रात्रिभोज में पूरी तरह शाकाहारी भारतीय व्यंजन परोसे गए।
डिनर के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भारत में खान-पान की विविधता को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में लोग मांसाहारी भोजन करते हैं और भारतीय नॉन-वेज व्यंजन काफी स्वादिष्ट होते हैं। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में अपनी बहन द्वारा बनाए गए छोले-भटूरे का भी जिक्र किया। हालांकि उन्होंने अपनी पोस्ट में सीधे BRICS डिनर का उल्लेख नहीं किया, लेकिन इसे सम्मेलन के डिनर मेन्यू से जोड़कर देखा गया।
पवन खेड़ा ने BJP पर साधा निशाना
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने BRICS डिनर के मेन्यू का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उनका आरोप था कि भाजपा देश के लोगों पर अपनी खान-पान की पसंद थोपने की कोशिश करती रही है और अब यही रवैया विदेशों से आए प्रतिनिधियों के सामने भी दिखाई दे रहा है।
खेड़ा ने भारत की विविध खान-पान परंपराओं का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए आयोजित डिनर में केवल शाकाहारी भोजन रखने का फैसला क्यों किया गया। कांग्रेस नेता ने इसे भारत की सांस्कृतिक विविधता से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए।
डिनर में क्या-क्या परोसा गया?
BRICS डिनर में भारतीय स्वाद और क्षेत्रीय व्यंजनों को प्रमुखता दी गई। शुरुआत में खंडवी और खुंब गलौटी जैसे व्यंजन परोसे गए। इसके अलावा मेन्यू में पनीर आधारित व्यंजन, मिलेट पुलाव और पारंपरिक मिठाइयां भी शामिल थीं। आयोजन के जरिए भारत की विविध शाकाहारी भोजन परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने पेश करने की कोशिश की गई।
BJP ने कांग्रेस को घेरा
कांग्रेस की आलोचना के बाद भाजपा की ओर से भी पलटवार किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय शाकाहारी भोजन भी बेहद विविध, पौष्टिक और समृद्ध है। भाजपा ने कांग्रेस पर BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन के भोजन को भी राजनीतिक विवाद में बदलने का आरोप लगाया।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर भारत में खान-पान की पसंद और सांस्कृतिक विविधता को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। एक तरफ कांग्रेस इसे विविधता और व्यक्तिगत खान-पान की पसंद के प्रतिनिधित्व से जोड़ रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि विदेशी मेहमानों के लिए भारतीय शाकाहारी व्यंजनों को प्रस्तुत करना अपने आप में भारत की समृद्ध खाद्य परंपरा को सामने रखने का तरीका है।
BRICS सम्मेलन के व्यापक एजेंडे में वैश्विक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, तकनीक और भू-राजनीतिक मुद्दे शामिल रहे, लेकिन सम्मेलन के बाद डिनर का मेन्यू घरेलू राजनीति में अलग ही चर्चा का विषय बन गया है।