भूपेश बघेल सेक्स-सीडी कांड में 23 फरवरी को कोर्ट में पेशी – हाईकोर्ट जाएंगे बघेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स-सीडी कांड में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल की कानूनी लड़ाई एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। मार्च 2025 में सीबीआई की विशेष अदालत ने भूपेश बघेल को इस मामले में बरी कर दिया था और कहा था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
लेकिन अब सीबीआई ने सेशन कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की, जिसमें निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई।
सेशन कोर्ट ने सीबीआई की याचिका को मंजूर कर लिया और पुनः जांच-सुनवाई का आदेश दिया। यही आदेश अब कांग्रेस और भूपेश बघेल के लिए चिंता का विषय बन गया है।
इस मामले में अगली कोर्ट पेशी 23 फ़रवरी 2026 को होगी।
कांग्रेस पार्टी अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है और सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करेगी।
यह मामला 2017 में शुरू हुआ जब एक कथित सेक्स सीडी वायरल हुई, जिसमें तत्कालीन राज्य के PWD मंत्री राजेश मूणत से मिलते-जुलते एक व्यक्ति को अश्लील स्थिति में दिखाया गया।
इस सीडी और उससे जुड़े सियासी आरोप-प्रत्यारोप के कारण मामला राजनीति में काफी उछला और जांच सीबीआई को सौंपी गई।
सीबीआई ने निचली अदालत के 2025 के बरी करने वाले फैसले को चुनौती दी है। सेशन कोर्ट ने वह बरी का आदेश रद्द कर दिया है। अब बघेल और कांग्रेस हाईकोर्ट जाएंगे।
कुल मिलाकर यह मामला वर्षों से कानूनी प्रक्रिया में है, विशेष अदालत ने पहले बरी किया, लेकिन सीबीआई की याचिका के बाद मामला फिर से जीवित हो गया है। कांग्रेस अब इस फैसले को चुनौती देकर हाईकोर्ट में अपील करेगी और 23 फरवरी को सुनवाई होगी।