कोलकाता। भाजपा विधायक नीलाद्रि शेखर दाना ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं के साथ होने वाली वित्त संबंधी बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह टीएमसी नेताओं के साथ बैठक तो दूर, उनके साथ चाय भी नहीं पी सकते।
नीलाद्रि दाना ने आरोप लगाया कि टीएमसी नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और ऐसे लोगों के साथ किसी भी प्रकार का राजनीतिक या औपचारिक संवाद उचित नहीं है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
भाजपा विधायक के इस रुख पर टीएमसी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी नेताओं ने इसे भाजपा की राजनीतिक रणनीति बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद से बचना उचित नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान से भाजपा और टीएमसी के बीच जारी टकराव और अधिक तेज हो सकता है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय मुद्दों पर राजनीतिक खींचतान जारी है।