मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का मोहन भागवत को ज़वाब – “हिंदू 3 नहीं, 6 या 12 भी पैदा करें, हमें एतराज नहीं,
लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के उस बयान के बाद सियासी और धार्मिक हलकों में बहस तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने हिंदुओं से कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की अपील की थी। इसी बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मौलाना रजवी ने कहा, “पहले यह बताइए कि किस मुसलमान के 12-12 बच्चे और 4 बीवियां हैं? यह केवल एक धारणा बनाकर पेश किया जाता है।” उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, निकाह और रोजगार जैसी जिम्मेदारियों के कारण आज मुस्लिम समाज भी दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने के पक्ष में नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, “हिंदू समाज चाहे 3, 6 या 12 बच्चे पैदा करे, हमें कोई एतराज नहीं है। लेकिन आबादी के नाम पर बार-बार मुसलमानों को निशाना बनाना सही नहीं है।”
भागवत का क्या था बयान?
दरअसल, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने लखनऊ प्रवास के दौरान कहा था कि हिंदू समाज को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए, ताकि जनसंख्या संतुलन बना रहे। उन्होंने विवाह का उद्देश्य ‘सृष्टि आगे बढ़ाना’ बताया था।
आबादी पर सियासत या सामाजिक चिंता?
मौलाना रजवी ने कहा कि देश में बढ़ती जनसंख्या संसाधनों पर दबाव डाल रही है, यह गंभीर विषय है। लेकिन इस पर राजनीति करने के बजाय सभी समाजों को मिलकर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि आबादी के नाम पर मुसलमानों को टारगेट करना एक मानसिकता बन चुकी है, जो सही नहीं है।