7 दिन तक वीडियो कॉल पर बंधक बनाकर रखा, टेरर फंडिंग का आरोप लगाकर डराया… परिवार को जेल भेजने की धमकी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 82 वर्षीय रिटायर्ड महिला प्रोफेसर को “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर 7 दिनों तक मानसिक रूप से बंधक बनाकर करीब 1.04 करोड़ से 1.4 करोड़ रुपए तक की ठगी कर ली गई।
जानकारी के मुताबिक, महिला को व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने संपर्क किया। खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्होंने महिला पर टेरर फंडिंग (PFI से जुड़ाव) का झूठा आरोप लगाया और गिरफ्तारी का डर दिखाया।
ठगों ने सुप्रीम कोर्ट और एजेंसियों के फर्जी नोटिस भेजकर महिला को इतना डरा दिया कि वह 7 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलीं और लगातार वीडियो कॉल पर उनके निर्देश मानती रहीं। इस दौरान उनसे अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली गई।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने महिला के बेटे और पोते को भी जेल भेजने की धमकी दी और अतिरिक्त पैसे की मांग की। जब महिला ने अपने बेटे को कॉल कर पैसों की बात बताई, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों से ऐसे फर्जी कॉल, वीडियो कॉल और “डिजिटल अरेस्ट” जैसी धमकियों से सतर्क रहने की अपील की है।
अलर्ट:
देशभर में “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां ठग खुद को पुलिस/एजेंसी बताकर डर का माहौल बनाते हैं और लोगों से पैसे ऐंठ लेते हैं।