रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में 27 दिसंबर 2025 को आयोजित विरोध प्रदर्शन हिंसक संघर्ष में बदल गया, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के बाद एक महिला आरक्षक के साथ अपमानजनक व्यवहार का वीडियो वायरल हुआ है। तमनार क्षेत्र में जिंदल उद्योग की कोयला खदान से जुड़ा आंदोलन नवंबर-दिसंबर तक जारी रहा। लोगों ने यह दावा किया कि प्रशासन ने जनसुनवाई या काम प्रभावित होने पर उचित कदम नहीं उठाए, जिससे नाराज़गी बढ़ी। 27 दिसंबर को एक सड़क दुर्घटना के बाद विवाद भड़क गया और धीरे-धीरे पथराव, आगजनी और भीड़–पुलिस टकराव में बदल गया।
भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया। उस दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ और तनाव बढ़ा। पुलिस बल को इलाके में तैनात कर हालात को काबू में लाया गया।
वीडियो में एक महिला आरक्षक के साथ आपत्तिजनक बर्ताव स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि भीड़ के कुछ लोग महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ते दिख रहे हैं। महिला आरक्षक भृकुटि जोड़े और भीड़ से कहती हुई दिखती है, माफ कर दो भैया छोड़ दो, आगे नहीं आऊँगी। लेकिन भीड़ ने उसे दौड़ाया, जमीन पर गिराया और अपमानजनक तरीके से घसीटा, इन दृश्यों को लेकर प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था पर नाराज़गी और आलोचना भी बढ़ी है।
घटना के बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एक दर्जन से ज्यादा आंदोलनकारियों के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर पंजीकृत किए गए हैं।
मामले की आगे जांच जारी है और अन्य आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं में आक्रोश और चिंता देखी गई है। विपक्षी दलों ने इसकी तेज़ निंदा की और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।दूसरी ओर, कुछ संगठनों ने आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकार के रूप में देखते हुए प्रशासन से संवाद बढ़ाने की अपील की है।