भिलाई। सिंधी समाज का प्रमुख पर्व चेटीचंड आज पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन सिंधी नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और भगवान झूलेलाल की जयंती के रूप में भी विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर देशभर में सिंधी समुदाय द्वारा शोभायात्राएं, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने भगवान झूलेलाल की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। जगह-जगह बहिराणा साहिब की झांकियां निकाली गईं, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में लोग शामिल हुए।
इस मौके पर समाज के लोगों ने एक-दूसरे को सिंधी नववर्ष की बधाई दी और भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों और युवाओं में भी खास उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी परंपरा को जीवंत किया।
सामाजिक संगठनों द्वारा भंडारे और सेवा कार्य भी आयोजित किए गए, जिसमें जरूरतमंदों को भोजन और सहायता प्रदान की गई। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भावना का भी प्रतीक है।
👉 निष्कर्ष:
चेटीचंड का यह पावन पर्व सिंधी समाज के लिए नई शुरुआत, उम्मीद और समृद्धि का संदेश लेकर आता है। यह दिन हमें अपनी संस्कृति, परंपरा और आपसी प्रेम को बनाए रखने की प्रेरणा देता है।