जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के एक किसान ने पारंपरिक खेती छोड़कर इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल अपनाकर सफलता की नई मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मछली पालन, पोल्ट्री और कृषि को एक साथ जोड़कर अच्छी आमदनी का रास्ता बनाया।
जानकारी के अनुसार, किसान पाकलू मरकाम ने अपने खेत में तालाब बनाकर मछली पालन शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने पोल्ट्री फार्मिंग और अन्य कृषि गतिविधियों को जोड़ा, जिससे एक ही जगह से कई स्रोतों से आय होने लगी।
इस मॉडल की खास बात यह है कि इसमें एक गतिविधि का अपशिष्ट दूसरी गतिविधि में उपयोग होता है। जैसे–पोल्ट्री का अपशिष्ट मछलियों के लिए भोजन का काम करता है, जिससे लागत कम होती है और उत्पादन बढ़ता है।
धीरे-धीरे इस प्रयास ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बना दिया और अब वे सालाना लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
किसान का कहना है कि इंटीग्रेटेड फार्मिंग से जोखिम कम होता है और कम जमीन में भी ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है। यह मॉडल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।
विशेष: विशेषज्ञों के अनुसार, मछली पालन, पोल्ट्री और खेती को मिलाकर किया गया यह मॉडल आज के समय में किसानों के लिए सबसे फायदेमंद और टिकाऊ विकल्प बनता जा रहा है।