होसुर में बनेगी नई BIGGA फैक्ट्री, शुरुआती दौर में सालाना 2.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की तैयारी; मांग बढ़ने पर क्षमता 5 लाख यूनिट तक पहुंचाने की योजना
चेन्नई/होसुर, 12 सितंबर 2026। तमिलनाडु का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विस्तार जारी है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता Ultraviolette Automotive ने राज्य के होसुर में नई मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री स्थापित करने की योजना बनाई है। कंपनी इस परियोजना पर अगले पांच वर्षों में करीब ₹779 करोड़ का निवेश करेगी।
कंपनी के मुताबिक नई फैक्ट्री को BIGGA (Big Global Ambition) Factory नाम दिया गया है। यहां चरणबद्ध तरीके से सालाना करीब 2.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन शुरू किया जाएगा। भविष्य में बाजार की मांग बढ़ने पर इस प्लांट की उत्पादन क्षमता को 5 लाख वाहन प्रतिवर्ष तक बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
स्कूटर से लेकर नई EV रेंज तक होगा उत्पादन
नई फैक्ट्री में Ultraviolette का इलेक्ट्रिक स्कूटर Tesseract तैयार किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी की भविष्य की इलेक्ट्रिक व्हीकल रेंज के लिए भी यहां उत्पादन क्षमता विकसित की जाएगी। कंपनी स्पोर्ट्स, क्रॉसओवर, क्रूजर, स्ट्रीट और स्कूटर जैसे अलग-अलग सेगमेंट में अपने उत्पादों का विस्तार करने की तैयारी में है।
रोजगार के भी खुलेंगे अवसर
नई फैक्ट्री से शुरुआती चरण में करीब 2,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। उत्पादन और विस्तार बढ़ने के साथ यह संख्या आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है। कुछ रिपोर्टों में प्लांट की क्षमता बढ़ने पर प्रत्यक्ष रोजगार के 2,000 से 3,000 तक पहुंचने का अनुमान भी बताया गया है। इसके अलावा सप्लायर और दूसरे सहयोगी कारोबारों के जरिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
बेंगलुरु के पास होने का मिलेगा फायदा
Ultraviolette ने होसुर को चुनने की वजह यहां मौजूद मजबूत ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन, कुशल श्रमबल और कंपनी के बेंगलुरु स्थित रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर से नजदीकी को बताया है। नई फैक्ट्री कंपनी के मौजूदा बेंगलुरु प्लांट के अलावा काम करेगी।
एक्सपोर्ट पर भी कंपनी की नजर
नई उत्पादन क्षमता सिर्फ घरेलू बाजार के लिए नहीं होगी। Ultraviolette अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात को भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की यूरोप और लैटिन अमेरिका में मौजूदगी है और आने वाले वर्षों में कुल बिक्री में निर्यात की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
तमिलनाडु का बढ़ रहा EV मैन्युफैक्चरिंग हब
होसुर और कृष्णागिरी क्षेत्र में पहले से ही ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों का मजबूत औद्योगिक आधार बन चुका है। Ultraviolette का नया निवेश इस क्षेत्र में EV निर्माण और सप्लाई चेन को और मजबूती दे सकता है। कंपनी का यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की मांग लगातार बढ़ रही है।