रायपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियमित नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने पत्र भेजकर पूछा है कि अब तक स्थायी डीजीपी की नियुक्ति क्यों नहीं की गई और इस प्रक्रिया में इतनी देरी किस कारण से हो रही है।
जानकारी के अनुसार, डीजीपी पद की नियुक्ति के लिए यूपीएससी द्वारा पहले ही वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसी को लेकर आयोग ने राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है।
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार राज्यों को समय पर डीजीपी की नियुक्ति करनी होती है, ताकि पुलिस विभाग के नेतृत्व में किसी प्रकार की अनिश्चितता न बनी रहे। इसी नियम के तहत यूपीएससी अधिकारियों के नामों का पैनल तैयार कर राज्य सरकार को भेजता है और सरकार उनमें से किसी एक को डीजीपी नियुक्त करती है।
मामले को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार यूपीएससी को क्या जवाब देती है और स्थायी डीजीपी की नियुक्ति कब तक की जाती है।