टैक्स में कटौती के बाद बर्तन धोने की मशीन हुई सस्ती, छोटे शहरों में भी बढ़ी मांग; भारतीय रसोई के हिसाब से कंपनियां दे रहीं खास फीचर्स
नई दिल्ली। कभी महंगे और लग्जरी घरेलू उपकरण के तौर पर देखे जाने वाले डिशवॉशर अब धीरे-धीरे भारतीय रसोई का हिस्सा बनते नजर आ रहे हैं। डिशवॉशर पर जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने के बाद इसकी कीमतों में कमी आई है और बिक्री में भी तेजी दर्ज की गई है।
22 सितंबर 2025 से लागू जीएसटी कटौती के बाद कंपनियों ने डिशवॉशर की कीमतों में करीब 4,500 से 7,500 रुपये तक की कमी की। इसके बाद बाजार में कुछ डिशवॉशर की शुरुआती कीमत करीब 25 हजार रुपये तक पहुंच गई है। कीमतों में कमी ने इस उपकरण को पहले की तुलना में अधिक ग्राहकों की पहुंच में ला दिया है।
2026 की पहली छमाही में बिक्री 49 प्रतिशत बढ़ी
टैक्स में बदलाव के बाद डिशवॉशर की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 2026 के शुरुआती छह महीनों में डिशवॉशर की बिक्री पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 49 प्रतिशत बढ़ी। वहीं 15-प्लेस-सेटिंग क्षमता वाले बड़े मॉडल की बिक्री में 137 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
खास बात यह है कि अब मांग सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रह गई है। टियर-2 शहर कुल यूनिट बिक्री में करीब 30 प्रतिशत योगदान दे रहे हैं, जिससे छोटे शहरों को भी इस बाजार के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
भारतीय बर्तनों के हिसाब से बदली मशीनों की तकनीक
भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों और खाना पकाने के तरीके को देखते हुए कंपनियां डिशवॉशर में नए फीचर्स जोड़ रही हैं। इनमें कड़ाही की सफाई, मसाले के दाग हटाने, बिरयानी के बड़े बर्तन और प्रेशर कुकर की सफाई जैसे विकल्प शामिल हैं। कुछ कंपनियां ग्राहकों को मशीन इस्तेमाल करने का अनुभव देने के लिए ट्रायल और रिटर्न की सुविधा भी उपलब्ध करा रही हैं।
फिर भी देश के ज्यादातर घरों से दूर है डिशवॉशर
बिक्री में तेज वृद्धि के बावजूद भारत में डिशवॉशर की पहुंच अभी काफी सीमित है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक देश के करीब 0.5 प्रतिशत घरों में ही डिशवॉशर का इस्तेमाल होता है। इसके मुकाबले अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में इसकी पहुंच करीब 70 से 75 प्रतिशत तक बताई गई है।
बाजार विशेषज्ञों और कंपनियों के मुताबिक कीमतों में कमी, शहरीकरण, बढ़ती आय और कामकाजी महिलाओं की बढ़ती भागीदारी जैसे कारक डिशवॉशर की मांग को बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, भारतीय बाजार में इसकी कुल पहुंच अभी शुरुआती स्तर पर ही है।
इस तरह जीएसटी कटौती के बाद डिशवॉशर बाजार में आई तेजी यह संकेत दे रही है कि बर्तन धोने की मशीन अब केवल प्रीमियम लाइफस्टाइल प्रोडक्ट तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि धीरे-धीरे आम घरेलू उपकरणों की श्रेणी में जगह बनाने की कोशिश कर रही है।