स्कूल बना दहशत और शर्मसार हरकतों का अड्डा! हेडमास्टर ने दिखाया प्राइवेट पार्ट…

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुसमी विकासखंड के ग्राम बेरडीह – आरसा पानी स्थित प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर बीरबल यादव (48) पर स्कूल की महिला सहायिका, ग्रामीण महिलाओं और स्कूली बच्चों के साथ अश्लील व्यवहार, यौन उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

सहायिका से सेक्स की मांग, प्राइवेट पार्ट दिखाने का आरोप

ग्रामीणों और महिलाओं का आरोप है कि स्कूल में खाना बनाने वाली महिला सहायिका से हेडमास्टर ने न केवल सेक्स की मांग की, बल्कि उसे अपना प्राइवेट पार्ट दिखाकर संबंध बनाने का दबाव भी बनाया। इतना ही नहीं, गांव की अन्य महिलाओं ने भी आरोप लगाया है कि हेडमास्टर ने उन्हें पत्नी बनाकर रखने तक की बात कही और रास्ते में रोककर अभद्र व आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।

महिला सहायिका से कथित तौर पर सेक्स की मांग करते हुए वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया। वीडियो वायरल होते ही पूरा गांव आक्रोशित हो गया और आरोपी हेडमास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आरोपी हेडमास्टर नशे की हालत में अक्सर स्कूली बच्चों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करता है।
आरोप है कि वह बच्चों को टांगी से मारने की धमकी तक देता है, जिससे बच्चे डर के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

शिकायतों में यह भी सामने आया है कि आरोपी शिक्षक बच्चों के साथ गला दबाने, चाकू दिखाकर डराने जैसी हरकतें भी करता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों और महिलाओं में असुरक्षा का माहौल बन गया है।

वीडियो सामने आने के बाद आरोपी हेडमास्टर  ने सफाई देते हुए कहा कि वह उस समय पेशाब कर रहा था। हालांकि ग्रामीणों और महिलाओं ने इस सफाई को बेहद शर्मनाक और अस्वीकार्य बताया है।

मामले की जानकारी मिलने पर सर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष सुनील नाग गांव पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों ने एक सुर में आरोपी हेडमास्टर को तत्काल निलंबित कर सख्त कार्रवाई की मांग की।

इस पूरे प्रकरण पर जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर मनीराम यादव ने बताया कि उन्हें वीडियो के माध्यम से मामले की जानकारी मिली है।
उन्होंने कुसमी विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

ग्रामीणों का सवाल: बच्चों की सुरक्षा कौन करेगा?

ग्रामीणों का कहना है कि यदि ऐसे लोग स्कूलों में रहेंगे तो बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को जल्द से जल्द हटाकर न्यायिक कार्रवाई की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *