2026 का महासंग्राम: 5 राज्यों से लेकर 36 देशों तक चुनावी हलचल, सत्ता के बड़े रिकॉर्ड दांव पर…

राजनीति। साल 2026 केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चुनावी राजनीति का निर्णायक वर्ष साबित होने जा रहा है। भारत के पांच बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां करीब 17% आबादी नई सरकार चुनने जा रही है, वहीं दुनिया के 36 देशों में भी आम चुनाव होंगे। इन चुनावों के नतीजे सिर्फ सरकारें नहीं, बल्कि राजनीतिक इतिहास और रिकॉर्ड भी तय करेंगे।

भारत के 5 राज्य: जहां सत्ता, साख और इतिहास की लड़ाई

पश्चिम बंगाल: ममता बनाम मोदी फैक्टर

बीजेपी आज तक पश्चिम बंगाल में सत्ता में नहीं आ पाई है।
अगर ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनीं, तो वे राज्य के इतिहास में रिकॉर्ड बनाने वाली पहली महिला सीएम बनेंगी। बीजेपी के लिए यह चुनाव राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल है, जबकि TMC के लिए सत्ता बचाने की चुनौती।

तमिलनाडु: 60 साल का सूखा, क्या टूटेगा?

तमिलनाडु में पिछले 60 वर्षों से न कांग्रेस, न बीजेपी की सरकार बनी है।
यहां राजनीति पर द्रविड़ पार्टियों (DMK-AIADMK) का वर्चस्व रहा है।
बीजेपी लगातार अपनी जमीन बढ़ाने की कोशिश में है, लेकिन सत्ता अभी भी दूर का सपना बनी हुई है।

केरल देश का इकलौता राज्य है जहां आज भी लेफ्ट (वामपंथी) सत्ता में है।
परंपरागत रूप से यहां हर 5 साल में सरकार बदलती है, लेकिन पिछली बार लेफ्ट ने इतिहास तोड़ते हुए सत्ता बचाई। सवाल यही है कि क्या लेफ्ट फिर इतिहास रचेगी या कांग्रेस वापसी करेगी?

असम: यहां बीजेपी की हैट्रिक बनाम महागठबंधन का खेल होगा। असम में बीजेपी तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश में है। कांग्रेस ने यहां 8 दलों के साथ महागठबंधन बना लिया है। यह चुनाव बीजेपी के लिए हैट्रिक टेस्ट, और कांग्रेस के लिए पूर्वोत्तर में पुनर्जन्म की लड़ाई है।

पुडुचेरी: सबसे छोटी विधानसभा होकर भी सबसे बड़ा संदेश देगी। पुडुचेरी देश की सबसे कम सीटों वाली विधानसभा है। बीजेपी यहां दूसरी बार सरकार बनाने का प्रयास कर रही है। छोटी विधानसभा होने के बावजूद, इसका राजनीतिक संदेश राष्ट्रीय स्तर पर असर डालता है।

भारत के बाहर भी चुनावी भूचाल देखने को मिलेगा।

बांग्लादेश को 35 साल बाद नया प्रधानमंत्री मिलेगा। यह चुनाव देश के राजनीतिक इतिहास में टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

नेपाल में जन आंदोलन के बाद पहला बड़ा चुनाव होगा। जनता पहली बार तय करेगी कि आंदोलन के बाद देश किस दिशा में जाएगा।

दुनियां के 36 देशों में आम चुनाव में एशिया, यूरोप, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका तक लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और कूटनीति पर इन चुनावों का सीधा असर पड़ेगा।

कहां जा सकता है कि 2026 के ये चुनाव:सिर्फ चुनाव नहीं, इस चुनाव में इतिहास भी लिखा जाएगा। कहीं रिकॉर्ड बनाएंगे, कहीं पुराने किले ढहाएंगे,
तो कहीं नई राजनीतिक इबारत लिखेंगे।

भारत से लेकर बांग्लादेश, नेपाल और पूरी दुनियां तक जनता की मुहर तय करेगी सत्ता का भविष्य और राजनीति की दिशा।

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