भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नेहरू नगर स्थित एक झुग्गी बस्ती में करीब 300 परिवार बेहद जर्जर और खतरनाक मकानों में रहने को मजबूर हैं। वर्षों पहले बनाए गए ये भवन अब इतनी खराब हालत में पहुंच चुके हैं कि उनकी छतों और दीवारों से लगातार प्लास्टर व कंक्रीट गिर रहा है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से मकानों की मरम्मत या पुनर्वास की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण कहीं और रहने भी नहीं जा सकते, इसलिए जान जोखिम में डालकर इन्हीं मकानों में रह रहे हैं।
रहवासियों के अनुसार कई इमारतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, सीढ़ियां कमजोर हो गई हैं और छत से मलबा गिरना आम बात हो गई है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक है। लोगों का कहना है कि उन्हें डर है कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए।
स्थानीय नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि इन जर्जर भवनों का जल्द सर्वे कराया जाए और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।