एक नज़र में…
जिला: कोरबा, छत्तीसगढ़
मामला: खेत में प्रार्थना सभा
आरोप लगाने वाला पक्ष: बजरंग दल व हिंदू संगठन
आरोप: धर्मांतरण की कोशिश, कैंसर पीड़ित व नि:संतान लोगों को टारगेट करना
दूसरा पक्ष: ईसाई समुदाय – आरोपों से इनकार
स्थिति:पुलिस जांच जारी।
बजरंग दल और हिंदू संगठनों का हमला- कैंसर पीड़ित व नि:संतान लोगों को बनाया गया निशाना, ईसाई समुदाय ने आरोपों को बताया झूठा।
कोरबा। कोरबा जिले में खेत में आयोजित प्रार्थना सभा उस वक्त विवाद का केंद्र बन गई, जब बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों ने इसे धर्मांतरण की साजिश करार देते हुए जमकर हंगामा किया। विरोध के दौरान हिंदू संगठन और ईसाई समुदाय आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।
बजरंग दल और उससे जुड़े हिंदू संगठनों का आरोप है कि- खेत में हो रही प्रार्थना सभा धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि धर्मांतरण की कोशिश थी कैंसर से पीड़ित लोग और नि:संतान दंपती को जानबूझकर बुलाया गया, बीमारी ठीक होने और संतान प्राप्ति जैसे भावनात्मक लालच देकर लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
बजरंग दल का कहना है कि उन्हें जैसे ही इसकी जानकारी मिली, कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और सभा का विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।
वहीं, ईसाई समुदाय ने बजरंग दल के सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। ईसाई समाज का कहना है कि- यह केवल एक सामान्य प्रार्थना सभा थी, किसी भी व्यक्ति पर धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं डाला गया। हिंदू संगठनों ने बिना वजह धार्मिक सभा में हस्तक्षेप किया, ईसाई समुदाय ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता का मामला बताया है।
दोनों पक्षों के बीच तेज बहस और नारेबाजी हुई, बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा रहे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
पुलिस का कहना है कि-दोनों पक्षों की बात सुनी गई है, शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है, फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर फोकस है, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।