आर्थिक नाकेबंदी, सैन्य दमन और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। कश्मीरी राजनीतिक कार्यकर्ता और लेखक अमजद अयूब मिर्जा ने पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 1947 के बाद क्षेत्र पर पाकिस्तान का “दूसरा हमला” बताया है।
मिर्जा का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार ने PoJK में जनता की आवाज दबाने के लिए सेना और सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आर्थिक नाकेबंदी, लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उनके मुताबिक, स्थानीय लोग लंबे समय से महंगाई, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को सुनने के बजाय बल प्रयोग किया जा रहा है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से PoJK की स्थिति पर ध्यान देने और वहां के लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप की अपील की। बताया जा रहा है कि 5 जुलाई को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तान ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।