ब्रिस्बेन । गाबा टेस्ट में शानदार शतक लगाकर रूट ने आखिरकार ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं पर टेस्ट शतक का अपना लंबा इंतज़ार खत्म कर दिया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 40वां टेस्ट शतक और ऑस्ट्रेलिया में पहला शतक है।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट इन दिनों बेहतरीन फॉर्म में हैं। लगातार रिकॉर्ड दर रिकॉर्ड तोड़ते हुए रूट एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट में अपनी बादशाहत साबित कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच चल रही एशेज सीरीज का दूसरा मुकाबला ब्रिस्बेन के गाबा में खेला जा रहा है, जहां डे-नाइट टेस्ट के पहले दिन रूट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक जड़ दिया। यह उनके करियर का 40वां टेस्ट शतक और ऑस्ट्रेलिया की सरज़मीं पर पहला शतक है।
मुश्किल हालात में टीम को संभाला-
इंग्लैंड की शुरुआत लड़खड़ा गई थी। टीम ने सिर्फ 5 रन पर ओली पोप के रूप में दूसरा विकेट गंवा दिया। ऐसे कठिन समय में रूट क्रीज पर उतरे और संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला। उन्होंने 83 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और जैक क्रॉली (76) के साथ शतकीय साझेदारी की। धैर्य और संयम का परिचय देते हुए रूट ने तीसरे सत्र में 181 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया।
ऑस्ट्रेलिया में पहली बार बोला रूट का बल्ला-
ऑस्ट्रेलिया की धरती पर रूट अब तक 16 टेस्ट खेल चुके थे, लेकिन शतक उनसे दूर था। 30 पारियों में उन्होंने करीब 36 की औसत से 1,000 रन बनाए हैं। यहां उनका सर्वोच्च स्कोर 89 रन था, और उन्होंने 9 अर्धशतक भी लगाए थे।
लेकिन गाबा टेस्ट में रूट ने यह इंतज़ार समाप्त करते हुए आखिरकार अपना पहला ऑस्ट्रेलियाई शतक दर्ज कर लिया। इससे पहले वह भारत और न्यूजीलैंड में विदेशों में 1,000+ टेस्ट रन बना चुके हैं।
“जो रूट की यह पारी न सिर्फ इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में लाई, बल्कि यह उनके करियर का एक ऐतिहासिक क्षण भी बन गई है”।