भूपेश बोले- शास्त्री पैसा बटोरने आए हैं, बागेश्वर बाबा बोले- हिंदू जोड़ने को अंधविश्वास कहने वालों को देश छोड़ देना चाहिए…

भिलाई। छत्तीसगढ़ में फिर से एक बड़ा धार्मिक-राजनीतिक विवाद गर्मा गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ में सिर्फ पैसा बटोरने आते हैं, धर्म और समाज सेवा के नाम पर।

बघेल ने कहा कि भारत की आजादी के समय भी हिंदू समाज पर कोई खतरा नहीं था। मुगलों का शासन रहा, सुल्तानों का शासन रहा, मुस्लिम सत्ता में रही, लेकिन तब भी हिंदू समाज सुरक्षित था।

उनके अनुसार, धीरेंद्र शास्त्री और पंडित प्रदीप मिश्र आज के समय में अंधविश्वास फैला रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर दिव्य दरबार में लोग ठीक हो रहे हैं, तो मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की कोई आवश्यकता क्यों है। बघेल ने शास्त्री पर सनातन विरोधी होने का आरोप भी लगाया और कहा कि उन्हें इतिहास की जानकारी नहीं है, इसलिए वे ऐसी बातें कह रहे हैं। उन्होंने अपने बेटे का उदाहरण देते हुए बताया कि उनका बेटा धीरेंद्र शास्त्री से 10 साल बड़ा है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि यह भूमि कबीर साहेब और गुरु घासीदास की विचारधारा से जुड़ी है।

धीरेंद्र शास्त्री ने पलटवार करते हुए भूपेश बघेल के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि हिंदू समाज को जोड़ना अंधविश्वास नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसा मानता है कि यह अंधविश्वास है, तो ऐसे लोगों को देश छोड़ देना चाहिए।

शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा बहुत पुरानी है और इसे किसी बाहरी व्यक्ति से सीखने की जरूरत नहीं है।

यह विवाद केवल व्यक्तिगत बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक कार्यक्रमों और राजनीतिक आरोपों के टकराव का हिस्सा है।
भूपेश बघेल ने शास्त्री पर राजनीतिक एजेंट और अंधविश्वास फैलाने वाला होने का आरोप लगाया।

शास्त्री ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल धर्म और हिंदू समाज को जोड़ना है।

बहरहाल छत्तीसगढ़ में धर्म और राजनीति के बीच यह विवाद तेज हो गया है।
भूपेश बघेल और पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयानों ने सोशल मीडिया और प्रदेश की जनता में बहस छेड़ दी है।
अब यह देखना बाकी है कि सरकारी और धार्मिक स्तर पर इस विवाद का क्या हल निकलता है।

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