रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें रायपुर स्थित जेल से प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लेकर बलौदाबाजार पहुंचाया।
क्या है पूरा मामला:-
कुछ दिन पहले बलौदाबाजार में प्रशासनिक कार्रवाई और सामाजिक मुद्दों को लेकर प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए थे। प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा, जिसमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा, वाहनों में आगजनी हुई और पुलिस-प्रशासन को हालात काबू में करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस प्रदर्शन को भड़काने और उग्र करने में कुछ संगठनों की भूमिका रही। इसी कड़ी में क्रांति सेना अध्यक्ष अमित बघेल का नाम सामने आया, जिसके बाद उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तारी:-
अमित बघेल पहले से ही एक अन्य मामले में रायपुर जेल में बंद थे। बलौदाबाजार पुलिस ने कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट हासिल किया और कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें रायपुर से बलौदाबाजार ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उनसे हिंसा के संबंध में पूछताछ की जाएगी और उनकी भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद अमित बघेल का बयान:-
गिरफ्तारी के बाद अमित बघेल ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:-
यह लड़ाई मेरी नहीं, छत्तीसगढ़ियों के अधिकारों की है। सरकार सच्चाई बोलने वालों और छत्तीसगढ़ की आवाज उठाने वालों को कुचलना चाहती है। मुझे गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन आंदोलन नहीं रोक सकती।
पुलिस का पक्ष:-
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में की गई है। हिंसा, आगजनी और शांति भंग करने के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के दौरान अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आने पर आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज:-
अमित बघेल की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थकों और क्रांति सेना से जुड़े लोगों ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, जबकि सरकार और प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यक कार्रवाई करार दे रहा है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में बलौदाबाजार हिंसा मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।