सुप्रीम कोर्ट से देवेंद्र यादव को झटका: चुनाव रद्द करने की मांग पर अब हाईकोर्ट में ही होगी सुनवाई…
नई दिल्ली/भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा न्यायिक झटका लगा है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया जिससे अब उनका मामला सीधे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका की मूल सुनवाई में ही आगे बढ़ेगा।
भिलाई नगर सीट के 2023 के विधानसभा चुनाव के परिणाम के खिलाफ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और बीजेपी के प्रत्याशी प्रेम प्रकाश पांडे ने चुनाव याचिका दायर की थी। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि देवेंद्र यादव ने अपने चुनावी नामांकन पत्र में प्रमुख विवरण – जैसे आपराधिक रिकॉर्ड और संपत्ति के दस्तावेज सही तरीके से उजागर नहीं किए थे, जो कि जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत जरूरी था।
पेंडिंग याचिका को हाईकोर्ट ने पहले सुनवाई योग्य माना था, और इसे खारिज करने की मांग को अस्वीकार कर दिया था।
देवेंद्र यादव ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की थी, ताकि हाईकोर्ट के उस फैसले को रोका जा सके जिसमें याचिका की सुनवाई की अनुमति दी गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी है, यह कहकर कि हाईकोर्ट की सुनवाई जारी रखी जा सकती है और विधायक को हाईकोर्ट में ही अपना पक्ष रखना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी अन्य दलीलों और अधिकारों को हाईकोर्ट में उठाया जा सकता है और उन्हें पूरा मौका दिया जाएगा।
अब आगे क्या होगा?
अब यह मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के समक्ष ही विस्तृत रूप से सुना जाएगा।
हाईकोर्ट चुनाव याचिका की मूल बातों जैसे धोखाधड़ी और गलत घोषणा के आरोप पर बहस करेगा।
इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विधायक पद वैध है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने मामला वापस हाईकोर्ट भेजते हुए कहा है कि सुनवाई वहीं जारी रहेगी।
इस फैसले का राजनीतिक महत्व भी है, क्योंकि अगर हाईकोर्ट चुनाव याचिका को पूरी तरह सही मान लेता है, तो विधायक देवेंद्र यादव की MLA पद की वैधता पर सवाल खड़ा हो सकता है।