तमिलनाडु। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा AIADMK में हुई बड़ी टूट की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता S. P. Velumani के नेतृत्व में करीब 25 विधायकों ने विजय सरकार का समर्थन कर दिया, जिससे AIADMK के भीतर सियासी भूचाल आ गया।
जानकारी के मुताबिक, विजय ने सरकार गठन के बाद लगातार असंतुष्ट AIADMK नेताओं से संपर्क बनाए रखा। विश्वास मत से ठीक पहले एसपी वेलुमणि, सी.वी. शन्मुगम और अन्य नेताओं का एक गुट खुलकर विजय सरकार के साथ खड़ा हो गया। इसी समर्थन के दम पर विजय सरकार ने सदन में 144 विधायकों का आंकड़ा छू लिया।
AIADMK प्रमुख Edappadi K. Palaniswami ने बगावत के तुरंत बाद बड़ा एक्शन लेते हुए वेलुमणि समेत कई नेताओं को पार्टी पदों से हटा दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि इन विधायकों ने आधिकारिक व्हिप का उल्लंघन कर विजय सरकार के पक्ष में वोटिंग की।
कौन हैं एसपी वेलुमणि?
एसपी वेलुमणि तमिलनाडु की राजनीति में AIADMK का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वे कोयंबटूर क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखते हैं और पहले राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। संगठन और विधायकों पर उनकी मजबूत पकड़ के कारण उन्हें AIADMK का रणनीतिक खिलाड़ी माना जाता रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय ने AIADMK के अंदर चल रही असंतुष्टि का फायदा उठाया। चुनाव बाद बने अस्थिर समीकरणों के बीच कई विधायक सत्ता से दूर नहीं रहना चाहते थे और इसी वजह से वेलुमणि गुट ने विजय का साथ चुना।
अब तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या AIADMK दो हिस्सों में बंट जाएगी, या फिर EPS इस संकट से पार्टी को बाहर निकाल पाएंगे। दूसरी ओर विजय की TVK सरकार ने इस समर्थन के बाद अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।