नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित होते ही एक अनोखा विवाद सामने आ गया है। 301वीं रैंक को लेकर दो अलग-अलग उम्मीदवारों ने दावा कर दिया, और हैरानी की बात यह है कि दोनों का नाम भी एक ही है – आकांक्षा सिंह। इस मामले ने सोशल मीडिया से लेकर प्रतियोगी परीक्षा की दुनिया तक बड़ी चर्चा छेड़ दी है।
दरअसल, यूपीएससी की मेरिट सूची जारी होने के बाद दो युवतियों ने दावा किया कि उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 301 हासिल की है। इनमें से एक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वाली बताई जा रही हैं, जबकि दूसरी बिहार के आरा जिले से बताई जा रही है। दोनों ने अलग-अलग मंचों पर अपने चयन का दावा किया, जिससे भ्रम की स्थिति बन गई।
मामला तब और उलझ गया जब सोशल मीडिया पर दोनों के एडमिट कार्ड सामने आए। बताया जा रहा है कि दोनों दस्तावेजों में रोल नंबर 0856794 दिखाई दे रहा है। हालांकि, जांच में यह भी सामने आया कि एक एडमिट कार्ड के बारकोड को स्कैन करने पर अलग रोल नंबर दिखाई दे रहा है, जिससे दस्तावेज की प्रामाणिकता पर सवाल उठने लगे हैं।
इधर, गाजीपुर की रहने वाली एक उम्मीदवार ने वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने ही यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 301वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने बताया कि वह पेशे से डॉक्टर हैं और एमबीबीएस व मास्टर्स करने के बाद परीक्षा दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके एडमिट कार्ड के बारकोड से सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।
दूसरी ओर, बिहार की उम्मीदवार भी लगातार यह दावा कर रही हैं कि मेरिट सूची में दर्ज विवरण उनके हैं और वही वास्तविक रूप से चयनित उम्मीदवार हैं। इस कारण मामला और पेचीदा हो गया है और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
फिलहाल इस पूरे विवाद को लेकर यूपीएससी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आयोग दस्तावेजों की जांच के बाद जल्द ही स्थिति स्पष्ट कर सकता है कि 301वीं रैंक का असली दावेदार कौन है।