नई पार्टी में हुआ विलय, लोकसभा में बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी (NCPI) में विलय की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की NDA सरकार को समर्थन देने का भी ऐलान किया है।
बागी गुट की प्रमुख नेता और TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि उनके साथ करीब 20 सांसद हैं। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष था और सांसदों की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा था, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।
इस घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी की पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में सांसद अलग होते हैं तो इसका असर संसद में TMC की ताकत और विपक्षी राजनीति पर पड़ सकता है।
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर कानूनी बहस भी शुरू हो गई है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि दलबदल कानून के तहत इस कदम की जांच होनी चाहिए। अब सबकी नजर लोकसभा अध्यक्ष के अगले फैसले और बागी सांसदों की संख्या पर टिकी हुई है।
कुल मिलाकर TMC के बागी सांसदों ने NCPI में विलय का ऐलान किया
▪️ NDA सरकार को समर्थन देने की घोषणा
▪️ काकोली घोष दस्तीदार ने 20 सांसदों के साथ होने का दावा किया
▪️ ममता बनर्जी के लिए बढ़ी राजनीतिक चुनौती
▪️ दलबदल कानून को लेकर छिड़ी नई बहस