घटती जन्म दर को मानव सभ्यता के लिए खतरा मानते हैं मस्क, दुनिया भर में अधिक बच्चे पैदा करने की वकालत
टेक्नोलॉजी। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल एलन मस्क एक बार फिर अपनी‘प्रोनैटलिज्म’ विचारधारा को लेकर चर्चा में हैं। प्रोनैटलिज्म ऐसी सोच है जो समाज में अधिक बच्चों के जन्म को प्रोत्साहित करती है। मस्क का मानना है कि दुनियां के कई देशों में तेजी से गिर रही जन्म दर भविष्य में मानव सभ्यता और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा संकट बन सकती है।
मस्क कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि यदि जन्म दर में गिरावट जारी रही तो कई देशों की आबादी बूढ़ी होती जाएगी, श्रमशक्ति घटेगी और आर्थिक विकास प्रभावित होगा। हाल ही में उन्होंने भारत की घटती प्रजनन दर पर भी चिंता जताते हुए कहा था कि देश की जन्म दर अब रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे पहुंच गई है।
प्रोनैटलिज्म के समर्थकों का तर्क है कि कम होती आबादी भविष्य में सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां पैदा कर सकती है। वहीं आलोचकों का कहना है कि केवल अधिक बच्चे पैदा करना समाधान नहीं है और इसके पीछे सामाजिक, आर्थिक तथा वैचारिक बहस भी जुड़ी हुई है।
मस्क स्वयं कई बच्चों के पिता हैं और उनका कहना है कि बढ़ती उम्र वाली आबादी तथा घटती जन्म दर जलवायु परिवर्तन से भी बड़ा खतरा बन सकती है। इसी कारण वे लगातार लोगों को परिवार बढ़ाने और जन्म दर बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं।