अमेरिका में बड़ा वीज़ा घोटाला उजागर: हज़ारों विदेशी छात्र फर्ज़ी कंपनियों के जरिए कर रहे थे OPT वीज़ा का दुरुपयोग…

ICE की जांच में 10 हजार से ज्यादा विदेशी छात्र रडार पर, कई कंपनियों के ऑफिस निकले बंद और सिर्फ कागजों में मौजूद।

अमेरिका में विदेशी छात्रों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE (Immigration and Customs Enforcement) ने दावा किया है कि हजारों विदेशी छात्र Optional Practical Training (OPT) वीजा प्रोग्राम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। जांच में कई ऐसी कंपनियां सामने आईं जो सिर्फ कागजों में मौजूद थीं और फर्जी रोजगार दिखाकर छात्रों को अमेरिका में रहने में मदद कर रही थीं।

ICE के कार्यवाहक निदेशक Todd Lyons के मुताबिक, अब तक 10,000 से ज्यादा विदेशी छात्रों की पहचान की गई है जो “संदिग्ध नियोक्ताओं” से जुड़े पाए गए। अधिकारियों ने कई जगहों पर छापेमारी और साइट विजिट की, जहां ऑफिस बंद मिले, कुछ जगह केवल खाली बिल्डिंग थीं, जबकि कई कंपनियां एक ही पते से संचालित होती मिलीं।

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कंपनियों का संचालन भारत में बैठे HR नेटवर्क और एजेंट कर रहे थे, जबकि OPT नियमों के अनुसार छात्रों को अमेरिका में वास्तविक ट्रेनिंग और सुपरविजन मिलना जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क फर्जी जॉब ऑफर और नकली पेरोल के जरिए वीजा नियमों का दुरुपयोग कर रहा था।

दरअसल OPT प्रोग्राम के तहत F-1 स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आने वाले विदेशी छात्रों को पढ़ाई पूरी होने के बाद 12 महीने तक काम करने की अनुमति मिलती है। STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) छात्रों को इसमें अतिरिक्त 24 महीने का एक्सटेंशन भी मिलता है। यही रास्ता आगे चलकर H-1B वीजा और अमेरिका में स्थायी नौकरी का आधार बनता है।

Todd Lyons ने कहा कि OPT प्रोग्राम “फ्रॉड का मैग्नेट” बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि जांच में जासूसी, बायोलॉजिकल थ्रेट, बौद्धिक संपदा चोरी और बुजुर्ग अमेरिकियों के साथ ठगी जैसे मामलों के लिंक भी मिले हैं।

इस खुलासे के बाद अमेरिका में विदेशी छात्र वीजा प्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई है। माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन अब OPT और छात्र वीजा नियमों को और सख्त कर सकता है, जिसका असर भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *